- विधायक के भाई समेत 9 लोग नामजद
Muzaffarpur : जिले के मुशहरी अंचल के निलंबित अंचलाधिकारी (सीओ) महेंद्र कुमार शुक्ला और राजस्व अधिकारी करुण कुमार को अहियापुर पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया. दोनों पर एक सेवानिवृत्त केंद्रीय अधिकारी की 70 डिसमिल पुश्तैनी जमीन के कागजात में कथित हेराफेरी कर गलत तरीके से दाखिल-खारिज कराने का आरोप है.
गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने की पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी, अहियापुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर शरत कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों से पूछताछ की. सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराने के बाद महेंद्र और करूण को अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया
सेवानिवृत्त अधिकारी ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
डीएसपी हिमांशु कुमार के अनुसार, शहबाजपुर निवासी विजय कुमार भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय में अवर सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. उन्होंने 29 अगस्त को अहियापुर थाने में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े मामले में कांड संख्या 1375/26 दर्ज कराई थी.
शिकायत के अनुसार, विजय के पिता दिवंगत जितेंद्र प्रसाद शाही और दादा योगेंद्र प्रसाद शाही के नाम पर खाता संख्या 53 और खेसरा संख्या 403 में 70 डिसमिल पुश्तैनी जमीन दर्ज है. आरोप है कि इस जमीन पर कब्जा करने के लिए फर्जी कागजात तैयार किए गए.
विधायक के भाई समेत नौ लोगों पर आरोप
शिकायत में कहा गया है कि हाजीपुर के सलेमपुर कुचुनदास कोर्ट निवासी कृष्ण नंदन पासवान ने दस्तावेज संख्या 10612 और 6 जून 1986 की रजिस्ट्री के आधार पर जमीन खरीदने का दावा किया था. लेकिन विजय कुमार का कहना है कि जब निबंधन कार्यालय से दस्तावेजों की जांच कराई गई, तो संबंधित कागज किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर दर्ज मिला.
इसके बावजूद कथित तौर पर अंचल कार्यालय की मदद से जमीन का दाखिल-खारिज कर दिया गया और उसके नाम पर जमाबंदी भी कायम कर दी गई. शिकायत के मुताबिक, जमीन का दाखिल-खारिज कराने के बाद उसे दूसरे लोगों के नाम करने और फिर से दाखिल-खारिज कराने की कोशिश भी की गई.
इस मामले में बेलसंड के विधायक अमित कुमार रानू, उनके भाई अभिनव कुमार, तत्कालीन सीओ महेंद्र कुमार शुक्ला, राजस्व अधिकारी करुण कुमार और अंचल कर्मी सुनील कुमार समेत कुल नौ लोगों को प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है. इस अलावा अरविंद कुमार मेहता और तुषार सिंह के नाम भी सामने आए हैं.
जांच में कई राजस्व कर्मियों को भूमिका संदिग्ध पाई गई
डीएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीम ने जांच की. जांच में सामने आया कि विजय कुमार की 70 डिसमिल पुश्तैनी जमीन से जुड़े कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज कराया गया था.
डीएसपी के मुताबिक, जांच में मुशहरी अंचल में तैनात रहे सीओ महेंद्र शुक्ला, राजस्व अधिकारी करुण कुमार और कुछ राजस्व कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई. अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद सीओ महेंद्र शुक्ला और करुण कुमार को गिरफ्तार किया गया है. वहीं तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है.
जमीन के कागजात की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों, दाखिल-खारिज की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है. मामले में शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए भी कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस को आशंका है कि इस मामले में जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों और सरकारी कर्मचारियों के बीच मिलीभगत हो सकती है. हालांकि, सभी आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी.