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मुजफ्फरपुर : रात भर सड़क पर पड़ा रहा शव, गश्ती दल की नहीं पड़ी नजर, जिम्मेदार कौन?

छिनतई का विरोध करने पर JE की चाकू घोंपकर कर हत्या Patna :  बिहार में बेखौफ अपराधी लगातार हत्या, लूट, गोलीबारी और छिनतई जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. ताजा मामला मुजफ्फरपुर का है. यहां सर्किट हाउस रोड में आर्मी कैंटीन के गेट के पास अपराधियों ने छिनतई का विरोध करने जूनियर इंजीनियर की चाकू घोंपकर कर हत्या कर दी. जूनियर इंजीनियर की पहचान मो. हारिस के रूप में हुई है. हारिस दिल्ली में रबर इंडस्ट्री से जुड़ी एक नामी कंपनी में कार्यरत थे. वह मूलरूप से सकरा थाना के फरीदपुर गांव के रहने वाले थे.

कंट्रोल रूम का सीसीटीवी कैमरा खराब, अपराधियों की नहीं हो सकी पहचान

बता दें कि हारिस का शव रात करीब ढाई बजे से सड़क पर पड़ा रहा. अहले सुबह करीब 4:50 बजे राहगीरों ने शव को देखा. जिसके बाद डायल 112 पुलिस को सूचना दी. तब पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. हादसे के बाद पुलिस की गश्ती दल पर सवाल खड़े हो रहे हैं. आखिर गश्ती दल ने सड़क पर पड़े शव को कैसे नहीं देखा. गश्ती दल को रातभर इलाके में गश्ती करना होता है. इसके बावजूद अपराधी कैसे लूट, छिनतई और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं. इधर कंट्रोल रूम से जुड़ा सीसीटीवी कैमरा खराब होने के कारण अपराधियों की पहचान नहीं हो सकी.

छिनतई के दौरान हत्या की आशंका : सिटी एसपी

सिटी एसपी ने अवधेश दीक्षित ने कहा कि हारिस के सीने में दो जगह जख्म के निशान है. शुरुआत में सीने के दोनों जख्म देखकर गोली मारकर हत्या की आशंका जतायी गयी. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चाकू का जख्म है. सिटी एसपी ने कहा कि हारिस का मोबाइल और पर्स गायब है. ऐसे में छिनतई के दौरान हत्या की आशंका जतायी जा रही है. कहा कि सीसीटीवी से अपराधियों की पहचान की जा रही है. जल्द अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होंगे. [wpse_comments_template]

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