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म्यांमार सेना का खूनी संघर्ष, एक दिन में 114 नागरिकों की मौत

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Myanmar : म्यांमार में वास्तविक नेता आंग सांग सू ची की गिरफ्तारी के बाद शनिवार का दिन काफी हिंसा वाला माना जा रहा है. शनिवार को म्यांमार की सेना ने सशस्त्र बल दिवस के दिन परेड निकालकर ताकत का प्रदर्शन किया. वहीं सड़कों पर ११४ लोगों को मौत के घाट उतार दिया. शनिवार के दिन म्यांमार की सड़के खून से लथपथ दिख रही थी. इसे  भी पढ़ें -बुरा">https://lagatar.in/dont-mind-holi-modi-ji-unmasked-the-lies-of-leftist-historians/43073/">बुरा

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मारे गये लोगों में 13  बच्चियां शामिल है

मिली जानकारी के अनुसार मारे गये 114 लोगों में 13 बच्चियां शामिल है. जिसे घर में घुस कर गोली मारी गयी है. म्यांमार की सेना ने मेइखतिला के आवासीय इलाके में जाकर गोलीबारी की है. बता दे कि म्यांमार में पिछले कई महिनों से हिंसा हो रही है.शनिवार को हुई हिंसा का विश्व में काफी विरोध और निंदा की जा रही है. इसे  भी पढ़ें -बुरा">https://lagatar.in/dont-mind-holi-this-history-was-changed-by-vamis-and-kangis/43034/">बुरा

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इसेे पहले   14 मार्च को सेना नेे 51  लोगों को मारी थी गोली

बता दें कि १४ मार्च को भी यंगून इलाके में प्रदर्शनकारियों ने एक चाइनीज फैक्ट्री में आग लगा दी. आग लगने के बाद प्रदर्शनकारियों पर म्यांमार की सेना ने गोली बरसाई. गोली खुलेआम चलायी गयी. जिसमें 51 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गयी थी. पिछले 6 हफ्ते से जारी प्रदर्शन का शनिवार सबसे खतरनाक हादसा रहा. जिसमें ११४ लोगों की जान चली गयी. इसे  भी पढ़ें -जानें">https://lagatar.in/know-how-the-weather-will-be-in-your-city-on-sunday/43108/">जानें

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चुनाव के बाद सरकार से बढ़ते तनाव की वजह से उठाया कदम- सेना

बता दें कि 1 फरवरी को म्यांमार की सेना ने वास्ताविक नेता आंग सान सू की और राष्ट्रपति विन म्यिंट को हिरासत में ले लिया था. और पूरे देश में एक साल के लिए इमरजेंसी का ऐलान कर दिया था. सेना ने यह कदम चुनाव के बाद सरकार से बढ़ते तनाव की वजह से उठाया है. सेना ने आंग सान सू को हिरासत में लेकर उन्हें हाउस आरेस्ट कर लिया है. इसके साथ ही म्यांमार की राजधानी में टीवी, इंटरनेट और फोन सर्विस को बंद कर दिया गया था.

सेना ने चुनाव में धांधली का लगाया था आरोप 

म्यांमार में बीते साल नवंबर माह में हुए चुनाव में सत्तारुढ़ नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी को 476 में से 396 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. जिसके बाद स्टेट काउंसलर आंग सान सू ने अगले पांच सालों के लिये सरकार बनायी थी. लेकिन सेना के समर्थन वाली पार्टी यूनियन सॉलिटेरेटी एंड डेवलपमेंट पार्टी ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया था. सेना की तरफ से भी अधिकारियों ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से अनुरोध किया था कि वह चुनाव परिणामों की समीक्षा करे. हालांकि तब सेना के प्रवक्ता ने अधिकारियों के बयानों से खुद को किनारे कर लिया था. https://lagatar.in/?p=43076

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