Washington : यूएफओ का रहस्य खुलने लगा है. बता दें कि अमेरिका ने पहली बार माना है कि उसके पास किसी यूएफओ का मलबा है. इसकी पड़ताल की जा रही है. खबरों के अनुसार एक यूएफओ अमेरिका के न्यू मैक्सिको में स्थित रोसवेल के पास 1947 में क्रैश हुआ था. इस अमेरिकी रहस्य का खुलासा रिसर्चर एंथनी ब्रागलिया ने अपने ब्लॉग यूएफओ एक्सप्लोरेशन में किया है. बताया गया है कि उन्होंने 150 से अधिक पन्नों की यह जानकारी अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी (डीआईए) से अमेरिका के फ्रीडम ऑफ इंफॉर्मेशन एक्ट के जरिए हासिल की है. इसे भी पढ़ें : दिशा">https://lagatar.in/opposing-the-arrest-of-disha-ravi-p-chidambaram-said-a-toolkit-has-become-dangerous-even-by-chinese-incursions/27310/">दिशा
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यूएफओ के मलबे का परीक्षण बिग लास एयरोस्पेस कर रही है
ब्लॉगर ने लिखा है कि अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी को जो वस्तुएं मिली हैं, वह अब तक इंसानों द्वारा खोजी हुईं सभी सामग्रियों से अलग है. ब्रागलिया ने 2017 में डीआईए को भेजे गये अपने अनुरोध पत्र में यूएफओ या किसी अज्ञात फ्लाइंग ऑब्जेक्ट के रूप में बरामद किये गये मलबे से मिली सामग्री के भौतिक विवरण, गुणों और संरचना के बारे में जानकारी मांगी थी. इस दस्तावेज के अनुसार यूएफओ के मलबे का परीक्षण नेवादा स्थित कंपनी बिग लास एयरोस्पेस कर रही है. यह कंपनी रक्षा विभाग के लिए निजी अनुबंध पर काम करती है . इसमें निकेल टाइटेनियम (नितिनोल) जैसी एक मिश्र धातु से बनी वस्तु भी शामिल है, जिसमें उन्नत प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है. पेंटागन यह पता लगा रहा है कि क्या स्वास्थ्य के सुधार के लिए नितिनोल को मानव शरीर में प्रयोग किया जा सकता है या नहीं.alt="" width="602" height="401" /> इसे भी पढ़ें : किसान">https://lagatar.in/farmer-movement-reached-america-pm-and-embassies-appeal-to-send-roses/27254/">किसान
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