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NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ विवाद, BCI ने नामांकन संबधी आदेश वापस लिया, CJP ने मनन मिश्रा पर हमला बोला

मनन मिश्रा ने एक्स पर जानकारी दी कि सीनियर वकीलों, बार सदस्यों, लॉ के छात्रों और जागरूक नागरिकों प्रतिक्रियाओं पर विचार करने पर सामने आया कि NALSAR हैदराबाद के 2026 बैच की किसी भी गड़बड़ी या आंदोलन में कोई भूमिका नहीं थी. इसलिए बीसीआई ने इस कार्यवाही को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया
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New Delhi : छात्रों द्वारा CJI सूर्यकांत को NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के दीक्षांत समारोह में बुलाने का विरोध करने और  BCI द्वारा विरोध करने वाले छात्रों की जांच और उनके वकील के रूप में नामांकन नहीं करने के फैसला राजनीतिक गलियारों मे चर्चा का विषय़ है. हालांकि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने अपना निर्देश वापस ले लिया है.

 

 

बीसीआई के अध्यक्ष और भाजपा के राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर फैसला वापस लेने की जानकारी पर सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने प्रतिक्रिया दी है. हो गया, भाई. युवाओं की एक और बड़ी जीत! लेकिन जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी.

 

 

 

सौरव दास ने लिखा, मनन कुमार मिश्रा के बारे में जिस तरह की डरावनी बातें सामने आ रही हैं, उसके बाद उन्हें तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. ठीक-ठाक काम करने वाले लोकतंत्र में ऐसा ही होता है. एक ठीक-ठाक लोकतंत्र बनाने के लिए कॉकरोच आ गये हैं. मिस्टर मिश्रा, अब समय खत्म हो गया है!  NALSAR यूनिवर्सिटी विवाद पर सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने एक्स पर लिखा, क्या मनन कुमार मिश्रा का इस्तीफा मांगने का समय आ गया है?

 

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BCI चेयरमैन मनन मिश्रा ने  मामले का पटाक्षेप करते हुए कहा कि अचानक और जल्दबाज़ी में एक आदेश जारी किया गया था, लेकिन 40 मिनट के अंदर ही उसे वापस ले लिया गया. बाद में उसमें बदलाव किया गया. लिखा कि देर रात काउंसिल ने इस मामले पर विस्तार से चर्चा की. हमने मिलकर तय किया कि इस मामले में किसी जांच की ज़रूरत नहीं है. यह मामला अब यहीं खत्म हो गया है.  मामला पूरी तरह से बंद हो चुका है.  हमारा मकसद यह पक्का करना था कि छात्रों, खासकर लॉ के छात्रों को कोई नुकसान या परेशानी न हो और न्यायपालिका के साथ कोई टकराव न हो. 

 


 
मनन मिश्रा ने लिखा कि काउंसिल ने यह तय किया है कि राज्य बार काउंसिल सभी छात्रों का वकील के रूप में नामांकन कर सकते हैं. विश्वविद्यालय की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाय़ेगा. बता दें कि काउंसिल ने अपने नये आदेश का आधार इस बात को बनाया है कि ज्यादातर छात्र इस मामले में निर्दोष हैं. हालांकि यह भी कहा कि कुछ शिक्षकों और बाहरी लोगों ने यूनिवर्सिटी में CJI सूर्यकांत को बुलाये जाने पर विरोध-प्रदर्शन को भड़काया था. 

 


 
मनन मिश्रा ने एक्स पर जानकारी दी कि सीनियर वकीलों, बार सदस्यों, लॉ के छात्रों और जागरूक नागरिकों प्रतिक्रियाओं पर विचार करने पर सामने आया कि NALSAR हैदराबाद के 2026 बैच की किसी भी गड़बड़ी या आंदोलन में कोई भूमिका नहीं थी. इसलिए बीसीआई ने इस कार्यवाही को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया. खबर है कि बीसीआई ने अपना पिछला आदेश वापस लेते हुए नया आदेश दिया है कि कन्वोकेशन में सीजेआई की भागीदारी के विरोध में  छात्रों का कैंपेन किसनेआयोजित किया था.

 

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