- इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला साबित होने जा रहा है चुनावी बॉन्ड : राहुल गांधी
- चंदा दो- धंधा लो, चंदा दो- ‘प्रोटेक्शन’ लो!
- चंदा देने वालों पर कृपा की बौछार और आम जनता पर टैक्स की मार, यही है भाजपा की मोदी सरकार
NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई की चुनावी बॉन्ड की जानकारी देने की समयसीमा 30 जून तक बढ़ाये जाने को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी है. इसके बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा किया है कि चुनावी बॉन्ड भारत के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला साबित होने जा रहा है. राहुल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि नरेंद्र मोदी के ‘चंदे के धंधे’ की पोल खुलने वाली है! 100 दिन में स्विस बैंक से काला धन वापस लाने का वायदा कर केंद्र की सत्ता में आयी सरकार अपने ही बैंक का डेटा छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सिर के बल खड़ी हो गयी. उन्होंने दावा किया कि चुनावी बॉन्ड भारत के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला साबित होने जा रहा है. यह भ्रष्ट उद्योगपतियों और सरकार के बीच सांठगांठ की पोल खोलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का असली चेहरा देश के सामने लायेगा. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि क्रोनोलॉजी स्पष्ट है - चंदा दो- धंधा लो, चंदा दो- ‘प्रोटेक्शन’ लो! चंदा देने वालों पर कृपा की बौछार और आम जनता पर टैक्स की मार, यही है भाजपा की मोदी सरकार.
24 घंटे के अंदर इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी दें, SC का SBI को सख्त आदेश
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई की चुनावी बॉन्ड की जानकारी देने की समयसीमा 30 जून तक बढ़ाये जाने को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी है. साथ ही कोर्ट ने बैंक को 24 घंटे के अंदर निर्वाचन आयोग को इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी देने का आदेश दिया है. साथ ही निर्वाचन आयोग को यह जानकारी 15 मार्च शाम पांच बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करने को कहा है. प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने यह फैसला सुनाया है. इस पीठ में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल रहे. [wpse_comments_template]
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