Ranchi: भारतीय जनता पार्टी के रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में केंद्रीय मंत्री और असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बनंद सोनोवाल और बिहार की पूर्व मंत्री व विधायक श्रेयासी सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्षी दलों और झारखंड सरकार पर निशाना साधा.
श्रेयसी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16-17 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित करने का प्रयास किया, लेकिन इंडिया गठबंधन के नेताओं ने इसके खिलाफ रणनीति अपनाई. उन्होंने आरोप लगाया कि जो दल आधी आबादी की बात करते हैं, वे वास्तव में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलते नहीं देखना चाहते. उनके अनुसार विपक्ष ने इस अधिनियम को कानून में बदलने के लिए मतदान तक नहीं किया.
उन्होंने परिसीमन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि 1971 में देश की आबादी 55 करोड़ थी जो अब बढ़कर 140 करोड़ हो गई है, इसलिए बेहतर प्रतिनिधित्व के लिए परिसीमन जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रतिनिधित्व 50 प्रतिशत तक बढ़ता तो दक्षिण भारतीय राज्यों जैसे केरल और तमिलनाडु की सीटें भी बढ़तीं.
केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान के माध्यम से महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी करीब 13 प्रतिशत है, जिसे 33 प्रतिशत तक ले जाने के लिए सरकार ने प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके ने इसे रोकने की कोशिश की.
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