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Naroda verdict : भाजपा ने कहा, अदालत पर ऊंगली उठाने की जगह आत्मचिंतन करे कांग्रेस

NewDelhi : भारतीय जनता पार्टी ने अहमदाबाद के नरोदा गाम दंगा मामले में सभी 67 आरोपियों को बरी करने वाली अदालत पर उंगली उठाने को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस और राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल पर निशाना साधा. भाजपा ने कहा कि उनकी टिप्पणियों में सच्चाई का पुट नहीं है.              ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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अभियोजन पक्ष की चूक के कारण दंगों के आरोपी बरी  

कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि अभियोजन पक्ष की ओर से की गयी चूक के कारण सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया.कहा कि न्याय में देरी हो सकती है लेकिन उन्हें इससे वंचित नहीं किया जा सकता. वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल ने अदालत के फैसले की आलोचना करते हुए सवाल किया था कि क्या हमें कानून के शासन का जश्न मनाना चाहिए या इसके खत्म होने से निराश होना चाहिए?

कांग्रेस के जब फायदा हुआ तो अदालत की प्रशंसा की

कांग्रेस के साथ ही सिब्बल पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने कहा, जो लोग अदालत पर उंगली उठा रहे हैं, उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए. क्योंकि ऐसे उदाहरण भी हैं जब इससे उन्हें फायदा हुआ तो उन्होंने अदालत की प्रशंसा की. कांग्रेस और सिब्बल की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर इस्लाम ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, और आज, जब फैसला उनके अपने हितों के खिलाफ है, तो वे इस तरह का बयान दे रहे हैं.

  माया कोडनानी, बाबू बजरंगी समेत सभी आरोपी बरी हो गये

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, यह बहुत खोखला बयान है जिसमें सच्चाई का कोई पुट नहीं है. गुजरात के नरोदा गाम में गोधरा कांड के बाद भड़के दंगों में 11 मुसलमानों के मारे जाने के दो दशक से अधिक समय बाद गुजरात की एक अदालत ने गुजरात की पूर्व मंत्री माया कोडनानी और बजरंग दल के पूर्व नेता बाबू बजरंगी समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया.

नरोदा हिंसा की जांच एसआईटी ने की थी

विशेष जांच दल मामलों के विशेष न्यायाधीश एस के बक्सी की अहमदाबाद स्थित अदालत ने 27 फरवरी, 2002 को साबरमती ट्रेन नरसंहार के बाद राज्यव्यापी दंगों के दौरान हुए सबसे भीषण नरसंहारों में से एक में सभी आरोपियों को बरी कर दिया. नरोदा गाम मामले की जांच उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त एसआईटी ने की थी. पीड़ित परिवारों के एक वकील ने कहा कि फैसले को गुजरात उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी जायेगी, उधर आरोपी व्यक्तियों और उनके रिश्तेदारों ने फैसले को सच्चाई की जीत करार दिया. [wpse_comments_template]

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