Ranchi : झारखंड राज्यसभा चुनाव-2026 के मतदान का दिन आ गया है. कुछ ही घंटों में विधायक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और शाम तक तस्वीर साफ हो जाएगी. लेकिन मतदान से पहले सबसे ज्यादा चर्चा परिमल नाथवानी को लेकर रही.
नाथवानी का अब तक का चुनावी रिकॉर्ड शानदार रहा है. वे 2008 और 2014 में झारखंड से तथा 2020 में आंध्र प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे. यानी अब तक उन्होंने राज्यसभा का कोई चुनाव नहीं हारा है. लेकिन इस बार चुनाव से पहले जो राजनीतिक परिस्थितियां बनीं, उन्होंने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया.
भाजपा ने नाथवानी को समर्थन तो दिया, लेकिन उसके पास अपने दम पर जीत का आंकड़ा नहीं है. ऐसे में अतिरिक्त वोटों की जरूरत और क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने चुनाव को खास बना दिया.
इधर, महागंठबंधन लगातार एकजुट नजर आया. मुख्यमंत्री आवास से लेकर होटल में होने वाली बैठकों तक गंठबंधन के विधायक साथ दिखे और नेतृत्व की ओर से एकता का संदेश दिया गया. वहीं भाजपा खेमे में अपेक्षाकृत कम सार्वजनिक गतिविधियां दिखीं. विधायक बैठकों और बंद कमरों की चर्चाओं के बीच राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जाते रहे.
यही वजह रही कि मतदान से पहले यह चर्चा जोर पकड़ती रही कि नाथवानी के सामने सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष नहीं, बल्कि अपने खेमे की एकजुटता को लेकर उठ रहे सवाल हैं.
अब सभी निगाहें आज होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हैं. शाम तक साफ हो जाएगा कि नाथवानी अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखते हैं या झारखंड का यह चुनाव उनके राजनीतिक सफर का पहला बड़ा झटका साबित होता है.

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