Ranchi : रांची विश्वविद्यालय में शनिवार को आर्यभट्ट सभागार में राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस (नेशनल केमिस्ट्री डे) का आयोजन किया गया. इस वर्ष कार्यक्रम की थीम 'इको अल्केमिया 2026' रही. भारतीय रसायन विज्ञान के जनक आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे की जयंती 2 अगस्त को पड़ने के कारण, इस बार रविवार होने की वजह से कार्यक्रम एक दिन पहले आयोजित किया गया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने की. उन्होंने सभी को राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आचार्य पी.सी. रे के योगदान को याद किया. इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि रांची विश्वविद्यालय की ओर से हर वर्ष आचार्य पी.सी. रे के नाम पर शोध कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए चार रिसर्च फेलोशिप प्रदान की जाएंगी.
कार्यक्रम में दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी के डीन एवं रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. डॉ. राम सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. वहीं, बीआईटी मेसरा के प्रो. डॉ. सुमित मिश्रा और इग्नू स्कूल ऑफ एजुकेशन के प्रो. डॉ. गौरव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए.
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. पीजी रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. स्मृति सिंह ने राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस और आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे के जीवन एवं योगदान पर प्रकाश डाला. स्वागत भाषण आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. ए.के. डेल्टा ने दिया.
इस दौरान आईक्यूएसी द्वारा प्रकाशित न्यूज़लेटर 'पर्सपेक्टिव' का विमोचन कुलपति एवं अतिथियों ने किया. साथ ही मास कम्युनिकेशन विभाग के मनोज शर्मा द्वारा संकलित आचार्य पी.सी. रे की जीवनी पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया.
कार्यक्रम में पीएफए विभाग के छात्र कलाकारों ने बिपुल नायक के निर्देशन में 'अणु टू एटम' शीर्षक से नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें महर्षि कणाद, चरक, सुश्रुत सहित भारतीय वैज्ञानिक परंपरा के योगदान को रोचक ढंग से दर्शाया गया.
मुख्य अतिथि प्रो. राम सिंह ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि रांची विश्वविद्यालय राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस उसी दिन मना रहा है, जिस दिन 1 अगस्त 1774 को ऑक्सीजन की खोज हुई थी. उन्होंने कहा कि रसायन विज्ञान का उपयोग पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान और जीव-जंतुओं के संरक्षण के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ जोड़कर किया जाना चाहिए.
बीआईटी मेसरा के प्रो. डॉ. सुमित मिश्रा ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि रसायन विज्ञान हमारे दैनिक जीवन के हर क्षेत्र में मौजूद है और इसे शिक्षा के साथ-साथ नवाचार तथा औद्योगिक विकास से जोड़ने की आवश्यकता है.
इग्नू स्कूल ऑफ एजुकेशन के प्रो. डॉ. गौरव ने कहा कि वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए रसायन विज्ञान में अधिक से अधिक शोध और अनुसंधान को बढ़ावा देना होगा. उन्होंने केमिस्ट्री की पढ़ाई को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप रोजगारपरक बनाने पर भी जोर दिया.
विश्वविद्यालय की विज्ञान संकाय की डीन डॉ. वंदना ने आचार्य पी.सी. रे के वैज्ञानिक योगदान और उनके कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला.
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपाली एवं रसायन विज्ञान विभाग की शोधार्थी सरना ने किया. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, सीसीडीसी, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, प्राध्यापक, रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. नीलम, डॉ. गुरुजन साहू, डॉ. नीरज सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. अंत में पीजी भौतिकी विभाग के डॉ. राजकुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
Leave a Comment