Ranchi : झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के साइंस बिल्डिंग स्थित ऑडिटोरियम में गणित एवं सांख्यिकी में नवीनतम विकास विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य और गरिमामय शुभारंभ हुआ. दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ आरंभ हुए इस आयोजन ने पूरे परिसर को ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार की ऊर्जा से आलोकित कर दिया. देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों से आए विद्वानों, प्राध्यापकों और शोधार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने सम्मेलन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया.
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कुलपति प्रो. सुरेश कुमार ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में डेटा विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग की वर्तमान प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में डेटा को समझने, उसका विश्लेषण करने और सार्थक निष्कर्ष तक पहुंचने में गणित एवं सांख्यिकी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अनुसंधान की गुणवत्ता, मौलिकता और समाजोपयोगी दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी.
विशिष्ट वक्ता प्रो. सारंग मेढेकर ने कहा कि गणित सभी विज्ञानों की आधारभूत भाषा है. भौतिकी, इंजीनियरिंग, जैविक विज्ञान, अर्थशास्त्र और सामाजिक विज्ञान जैसे विविध क्षेत्रों में गणितीय विश्लेषण की अनिवार्य भूमिका है. उन्होंने अंतःविषय शोध को समय की आवश्यकता बताते हुए सहयोगात्मक अनुसंधान पर बल दिया.
कार्यक्रम में के. वी. पंडा ने विभागीय उपलब्धियों और शैक्षणिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए बताया कि गणित विभाग विश्वविद्यालय की स्थापना से ही सक्रिय है, जबकि सांख्यिकी विभाग की स्थापना वर्ष 2022 में हुई और अल्प समय में ही उसने उल्लेखनीय प्रगति की है. वहीं, पी. के. परिदा ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया.
प्राकृतिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. एम. के. सिंह ने संचार तंत्र, जल एवं ठोस अवस्था से जुड़ी वैज्ञानिक अवधारणाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जटिल प्रक्रियाओं को समझने और उनके पूर्वानुमान में गणितीय मॉडलिंग अत्यंत प्रभावी सिद्ध होती है.
सम्मेलन के प्रथम दिन आयोजित तकनीकी सत्रों में मशीन लर्निंग, उन्नत सांख्यिकीय विधियों तथा मापन डेटा विश्लेषण पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए गए. चिकित्सा एवं जैविक विज्ञान में गणितीय और सांख्यिकीय तकनीकों के अनुप्रयोग पर विशेष चर्चा हुई. शोधार्थियों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत कर नवीन विचारों और नवाचारों को साझा किया.
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. ऋषिकेश महतो ने किया तथा अंत में अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया. यह राष्ट्रीय सम्मेलन ज्ञान-विमर्श और शोध-संवाद का एक सशक्त मंच बनकर उभरा है, जो विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को भविष्य की नई दिशाओं की ओर प्रेरित कर रहा है.

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