ने जारी किया 10 प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए एक्जाम कैलेंडर यह इस परिचर्चा में निर्णय लिया गया कि सरकार एवं राजनीतिक दलों से यह अपील की जाए कि वह मुफ्त शिक्षा की आयु सीमा को 18 वर्ष तक कर दें. इससे बाल विवाह रोकने में बहुत मदद मिलेगी. सुझाव में यह भी निकलकर आया कि बाल विवाह को रोकने वाले संस्थानों को मजबूत किया जाए एवं अधिकारियों के ज्ञान एवं क्षमता निर्माण पर कार्य किया जाए. साथ ही बाल विवाह के विषय पर धार्मिक नेताओं को अभियान से जोड़ने पर सहमति बनी. वह अपने समुदाय के लोगों को यह समझा सकेंगे कि वे बच्चों का कम उम्र में विवाह न करें. साथ ही सरकार से एक विशेष बाल विवाह निषेध कोष बनाने की भी मांग की गई. [caption id="attachment_616640" align="alignnone" width="1600"]
alt="`बाल विवाह मुक्त भारत` पर राष्ट्रीय परिचर्चा" width="1600" height="721" /> `बाल विवाह मुक्त भारत` पर राष्ट्रीय परिचर्चा[/caption]
बाल विवाह रोकने के लिए इन उपायों पर चर्चा
सरकारी स्कूलों में पढ़ रही बच्चियों को प्रतिमाह 500 रुपये की छात्रवृत्ति दी जा सकती है, जिससे वह अपनी शिक्षा जारी रख सकें. सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली उन लड़कियों के लिए प्रधानमंत्री शगुन कोष का भी गठन किया जा सकता है, जिनका विवाह कानूनी उम्र में होने पर उन्हें सरकार द्वारा 11,000 रुपये का उपहार दिया सकता है. बाल विवाह के विषय को बच्चों की उम्र के अनुसार पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चे इसके दुष्प्रभावों एवं इसके कानूनी प्रावधानों के बारे में परिचित हो सकें. जो लड़कियां 18 वर्ष से कम उम्र की हैं, उन्हें इस विषय में अवगत कराया जाना चाहिए कि कैसे वह विवाह में यौन उत्पीड़न को लेकर शिकायत कर सकती हैं. इसे भी पढ़ें : IPL">https://lagatar.in/ipl-2023-lucknow-winning-for-19-overs-lost-in-the-last-over-mohit-sharma-overturned-like-this/">IPL2023 : 19 ओवर तक जीत रही लखनऊ आखिरी ओवर में हार गई, मोहित शर्मा ने ऐसे पलटी बाजी [wpse_comments_template]

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