Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन झारखंड के विकास की नई दिशा तय करने वाली एक ऐतिहासिक पहल है. उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्ष 2050 तक झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दूरदर्शी योजना है.
राकेश सिन्हा ने कहा कि जहां भाजपा शासित राज्यों के युवा रोजगार की तलाश में पलायन करने को मजबूर हैं, वहीं झारखंड सरकार राज्य के भीतर ही रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा करने के लिए ठोस नीतियों पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में नई नीति, रांची आईटी पार्क का विस्तार, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ संभावित सहयोग से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे.
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नई पर्यटन नीति झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थलों, जलप्रपातों, वन क्षेत्रों और आदिवासी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इससे पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय हस्तशिल्प, होटल, परिवहन और छोटे व्यवसायों का विस्तार होगा और हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे.
राकेश सिन्हा ने कहा कि नई झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी और डिजिटल सिंगल विंडो व्यवस्था उद्योगों के लिए पारदर्शी और सुगम वातावरण तैयार करेगी. इसके माध्यम से बड़े औद्योगिक निवेश आकर्षित होंगे, नए विनिर्माण केंद्र स्थापित होंगे और स्थानीय युवाओं को अधिक रोजगार मिलेगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीति है कि झारखंड के संसाधनों का सबसे बड़ा लाभ राज्य के लोगों को मिले.
उन्होंने यह भी कहा कि नई टेक्सटाइल नीति महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. इस नीति के तहत करीब 20 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है और महिलाओं को वस्त्र उद्योग में काम करने के लिए विशेष प्रोत्साहन एवं आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा.
राकेश सिन्हा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक भाजपा ने झारखंड को केवल खनिज संपदा के दोहन का केंद्र बनाकर रखा, जबकि कांग्रेस झारखंड को ज्ञान, कौशल, तकनीक, उद्योग और पर्यटन आधारित आधुनिक अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करना चाहती है. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार निवेश, नवाचार और रोजगार को विकास का केंद्र बनाकर आगे बढ़ रही है.
उन्होंने विश्वास जताया कि नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन से प्राप्त सुझाव भविष्य की नीतियों का आधार बनेंगे और झारखंड को निवेश, औद्योगिक विकास, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी प्रगति तथा रोजगार सृजन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे. साथ ही यह पहल राज्य के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने और झारखंड को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
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