मुख्य पाहन घड़े में रखे पानी की दिशा देखकर की भविष्यवाणी दोपहर तीन बजे के बाद निकाली जायेगी विशाल शोभा यात्रा
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सिरम टोली सरना स्थल में भी हुईं सरहुल पूजा, सीएम चंपाई सोरेन और कल्पना सोरेन हुए शामिल
Ranchi : झारखंड में प्रकृति पर्व सरहुल धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस मौके पर मोरहाबादी स्थित हातमा सरना स्थल सहित शहर के अखड़ा व अन्य सरना स्थलों में परंपरागत रीति-रिवाज से सरहुल की पूजा संपन्न हुई. मुख्य पाहन जगलाल ने विधि-विधान के साथ सरहुल की पूजा की. पूजा संपन्न होने के बाद मुख्य पाहन ने बीती शाम घड़े में रखे पानी की दिशा देखकर भविष्यवाणी की कि इस बार झारखंड में मॉनसून सामान्य रहेगा. झारखंड के हर क्षेत्र में अच्छी बारिश होगी. किसानों को खेती में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा. सरहुल पूजा में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय और राज्यसभा सांसद महुआ मांझी शामिल हुए. दोपहर तीन बजे के बाद रांची के विभिन्न अखड़ा और सरना स्थलों से सरहुल पर्व को लेकर भव्य शोभायात्रा निकाली जायेगी, जो मुख्य सरना स्थल सिरम टोली में समाप्त होगी.alt="" width="1600" height="720" />
सरहुल पूजा में पांच मुर्गे की बलि देने की प्रथा
मुख्य पाहन ने बताया कि सरहुल पूजा में पांच मुर्गे की बलि दी गयी. सृष्टि करता सिहबोंगा के लिए सफेद मुर्गा, देवता के लिए माला मुर्गा, ग्राम देवता के लिए लाल मुर्गा, पूर्वजों के लिए लूपुंग मुर्गा और बुरी आत्मा से मुक्ति के लिए काला मुर्गा की बलि दी गयी. कहा कि आदिवासी समुदाय प्रकृति के हर रूप की पूजा करते हैं. उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वह प्रकृति से छेड़छाड़ ना करें. नहीं तो आने वाले दिनों में हम शुद्ध पानी और हवा के लिए तरसेंगे. कहा कि सभी को मिलकर प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए. जल, जंगल जमीन, पेड़-पौधे, सूर्य और आकाश ये सभी जीवन के अभिन्न अंग हैं.सिरम टोली सरना स्थल की पूजा में सीएम चंपाई और कल्पना सोरेन हुईं शामिल
सिरम टोली सरना स्थल में भी प्रकृति पर्व सरहुल में विशेष पूजा-अर्चना की गयी. इस पूजा में मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन और पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन मुर्मू शामिल हुए.alt="" width="1600" height="720" />
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