Nawadih: नावाडीह प्रखंड के उपरघाट स्थित पोखरिया पंचायत के डेगागढ़ा में कश्यप गोत्रधारियों ने सूर्य उपासना की पूजा सुरजाही पूरे विधि विधान के साथ किया. 23 अप्रैल की अहले सुबह अखरा (पूजा स्थल) में पहुंचकर भगवान भाष्कर की पूजा-अर्चना की. पुजारी पांडु तुरी ने मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान पूर्ण कराया. सुखदेव तुरी, रामचंद्र तुरी, रथो तुरी, झूमक तुरी आदि ने बताया कि सुरजाही पूजा कालांतर से होती आ रही है. सुरजाही पूजा से वंश का विकास और पूरे गांव गोत्र में खुशहाली आती है. इसे पांच वर्षो के अंतराल में मनाए जाने की पंरपरा है. नहाय खाय के साथ एक दिन उपवास के बाद दूसरे दिन अनुष्ठान पूर्ण होता है. सपरिवार नए वस्त्र धारण कर अखरा में मन्नत मांगतें हैं. पूजा संपन्न होने तक सभी श्रद्धालु अखरा में सूर्य को ध्यान में रखकर हाथ जोड़कर लीन रहतें हैं. शनिचर तुरी ने बताया कि इस पूजा में पवित्रता का पूरा ख्याल रखा जाता है. पोखरिया पंचायत की मुखिया बसंती देवी ने खुद सभी लोगों को प्रसाद खिलाया. मौके पर अयोध्या प्रसाद महतो, पुरण तुरी, विजेंद्र तूरी, खिरो तुरी, बबिता देवी, बिटको देवी, शान्ति देवी, उमा देवी, शनिचरीया देवी, छूटू तुरी, रोहित तूरी, सोहन तूरी, पटेल तुरी, सुरेश तुरी, बबलू तुरी, राजेंद्र तुरी, नरेश तूरी सहित भक्त शामिल थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=616871&action=edit">यह
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नावाडीह: विकास और खुशहाली के लिए की जाती है सुरजाही पूजा

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