Search

 
 
 

एक करोड़ का इनामी नक्सली असीम मंडल गिरफ्तार, ग्रामीण बनकर ललाट गांव में छिपा था

Ghatsila (Jamshedpur) : प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य असीम मंडल को पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. एसटीएफ ने उसे पूर्वी मेदिनीपुर के पोटाशपुर थाना क्षेत्र स्थित ललाट गांव से पकड़ा. बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से गांव में आम ग्रामीण की तरह रह रहा था.
 

Ghatsila (Jamshedpur) : प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य असीम मंडल को पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. एसटीएफ ने उसे पूर्वी मेदिनीपुर के पोटाशपुर थाना क्षेत्र स्थित ललाट गांव से पकड़ा. बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से गांव में आम ग्रामीण की तरह रह रहा था.

 

पुलिस को सूचना मिली थी कि असीम मंडल ललाट गांव में छिपा हुआ है. सूचना के सत्यापन के बाद एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने गांव और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया है. सूत्रों के मुताबिक, असीम मंडल ने गांव में हथियार भी छिपाकर रखे थे. हालांकि, तलाशी के दौरान अब तक क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आयी है.

 

मेदिनीपुर का रहने वाला है असीम मंडल

असीम मंडल का मूल घर पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के फूलचक गांव में बताया जाता है. गिरफ्तारी के बाद उसे मेदिनीपुर जिला मुख्यालय ले जाकर पूछताछ किए जाने की जानकारी है. जांच एजेंसियां उसके ठिकानों, संपर्कों और माओवादी संगठन से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं.

 

Uploaded Image

पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम ने इसी गांव से एक करोड़ के इनामी नक्सली असीम मंडल को गिरफ्तार किया.

 

झारखंड समेत तीन राज्यों में दर्ज हैं कई मामले

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, असीम मंडल के खिलाफ झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 100 से अधिक मामले दर्ज हैं. इनमें पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमले, विस्फोट और अन्य हिंसक घटनाओं से जुड़े मामले शामिल बताए जाते हैं. उसका नाम सांसद सुनील महतो हत्याकांड की जांच में भी सामने आने की बात कही जाती रही है. झारखंड के सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में हुई कई माओवादी घटनाओं में भी उसकी कथित भूमिका रही है.

 

गुवा थाना हमला और घाटशिला लैंडमाइंस विस्फोट में भी नाम

असीम मंडल का नाम वर्ष 2003 में गुवा थाना क्षेत्र में हुए हमले के मामले में सामने आया था. इसके अलावा 30 अगस्त 2008 को पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला क्षेत्र के बुरुडीह में हुए लैंडमाइंस विस्फोट में एक दरोगा समेत 11 पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी. इस मामले की जांच के दौरान भी असीम मंडल का नाम सामने आने की बात कही जाती रही है.

 

गांव में संपर्क और हथियारों की तलाश

असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब उसके स्थानीय संपर्कों पर है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ललाट गांव में उसे किसने पनाह दी और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे. साथ ही, उसके द्वारा कथित तौर पर छिपाकर रखे गये हथियारों और अन्य सामान की तलाश भी की जा रही है. पूछताछ के आधार पर माओवादी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही