National News : नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने Essel group और जी एंटरटेनमेंट (Zee) के संस्थापक सुभाष चंद्रा से संबंधित कर्ज भुगतान का फैसला सुर्खियों में है, NCLT ने सुभाष चंद्रा पर मेहरबानी दिखाते हुए भारी कर्ज निपटान (Debt Settlement) पर मुहर लगा दी है. इस फैसले से बैंकिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर हैरत में पड़ गया है.
If True many congratulations to my friend Subhash.Banks and Government have admitted having recovered Rs 14,100 crores from me against a Judgement debt of Rs 6203 crores. Many more borrowers have settled at a fraction. Indian Debt Resolution Justice I presume. No media questions. pic.twitter.com/5uwxYSAX8H
— Vijay Mallya (@TheVijayMallya) August 26, 2026
इस कर्जमाफी पर नजर डालें तो आश्चर्य होगा. कुल बकाया कर्ज लगभग 22,006 करोड़ है. यह मामला NCLT ने महज 6.5 करोड़ रुपये में निबटा दिया गया. अर्थ जगत की भाषा में हेयरकट (Haircut) 99.97 रहा. (इसका मतलब कर्जदाताओं को अपने 99.97फीसदी राशि का का नुकसान उठाया )
मामला यह है कि सुभाष चंद्रा और उनकी एस्सेल ग्रुप की कंपनियों पर पिछले कुछ वर्षों से भारी कर्ज लदा हुआ था. उन्होंने कर्ज चुकाने में असमर्थता जताई. इसके बाद मामला NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) में पहुंचा था.
रिपोर्ट के अनुसार NCLT ने देनदारी की भारी-भरकम 22,006 करोड़ रुपये की रक्म सेटल करने के लिए चंद्रा द्वारा पेश मात्र 6.5 करोड़ रुपये के भुगतान प्रस्ताव (Payout plan) पर कानूनी मुहर लगा दी. खबरों के अनुसार NCLT के तीसरे सदस्य (न्यायिक) नीलेश शर्मा ने निर्णायक फैसला सुनाया और इस Repayment Plan को मंजूरी प्रदान की है.
जान लें कि सितंबर 2025 में दो सदस्यीय बेंच के Split Verdict के बाद फरवरी 2026 में यह मामला NCLT को सौंपा गया था. इस पर फैसला देते हुए नीलेश शर्मा ने सुभाष चंद्रा की पेशकश मान ली. अहम खबर यह है कि नवंबर 2024 में ही लेनदारों (Creditors) ने 80.814फीसदी के बहुमत के साथ इस योजना को पास कर दिया था.
यह IBC के नियमों के तहत जरूरी 75फीलदी से अधिक है. सूत्रों के अनुसार यूनियन बैंक, LIC हाउसिंग, HDFC, एक्सिस, केनरा और समेत अन्य कर्जदाताओं ने इसका विरोध किया था, लेकिन मतप्रतिशत में उनकी हिस्सेदारी 20फीसदी से भी कम होने के कारण योजना को आसानी से अंतिम मंजूरी मिल गयी
NCLT द्वारा सुभाष चंद्रा को 22,006 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज मात्र 6.5 करोड़ रुपये (99.97फीसदी हेयरकट) में सेटल किये जाने के कारण शराब कारोबारी विजय माल्या ने तंज कसा है, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर माल्या ने सुभाष चंद्रा पर निशाना साधा.
उन्होंने लिखा. अगर यह सच है तो मेरे दोस्त सुभाष को बहुत-बहुत बधाई., आगे लिखा कि बैंक और सरकार ने खुद माना है कि उन्होंने मेरे(विजय माल्या) 6,203 करोड़ रुपये के कर्ज के बदले मुझसे 14,100 करोड़ रुपये वसूले हैं, जबकि कई अन्य कर्जदारों ने कर्ज का निपटारा नाममात्र पैसे देकर कर लिया.
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