NewDelhi : संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, सत्र 13 अगस्त तक चलेगा. सत्र के हंगामेदार रहने के आसार है. केंद्र सरकार ने सत्र के दौरान विपक्षी दलों के संभावित हमलों से बचने के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए आज शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एनडीए के मंत्रियों और फ्लोर लीडर्स की उच्च स्तरीय बैठक की
मानसून सत्र में सरकार को घेरने की विपक्ष की योजना (नीट-यूजी पेपर लीक सहित अन्य मुद्दे) का मुकाबला करने के लिए रणनीति बनाई गयी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ऑफिस में हुई बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, जदयू नेता ललन सिंह, टीडीपी के राम मोहन नायडू समेत एनडीए के कई सीनियर नेता शामिल हुए.
जानकारी के अनुसार बैठक लगभग 11:30 बजे शुरू हुई. जो एक घंटे से ज्यादा समय चली. सूत्रों की मानें तो बैठक में मॉनसून सत्र के दौरान सरकार की रणनीति, विपक्ष के संभावित मुद्दों और संसद में पेश किये जाने वाले विधेयकों पर विस्तार से चर्चा की गयी.
अहम खबर यह है कि मोदी सरकार महिला आरक्षणऔर परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक (Constitution 131st Amendment Bill) को पारित कराने के लिए आवश्यक संख्या बल जुटाने पर विशेष जोर दे रही है.
खबर है कि सरकार पांच नये विधेयकों को भी संसद में पेश करने जा रही है. उनमें इनकम टैक्स (संशोधन) विधेयक 2026, सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक 2026, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 के अलावा राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विकास संशोधन विधेयक 2026 शामिल हैं. खबर है कि इनकम टैक्स और सुप्रीम कोर्ट से जुड़े विधेयक अध्यादेशों की जगह लाये जायेंगे.
साथ ही सरकार 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश दो लंबित विधेयक भी लाने जा रही है. इनमें विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026, और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2026 शामिल है. इन्हें 15 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पेश कर संयुक्त समिति को भेजा गया था,
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