Ranchi : धुमकुड़िया करम टोली में केंद्रीय सरना समिति तथा सरना सेवा ट्रस्ट के बैनर तले शुक्रवार को भारत रत्न बाबासाहेब डॉ भीमराव राव अंबेडकर की 132वीं जयंती मनायी गयी. इसमें विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हुए. आदिवासी जनपरिषद के अध्यक्ष प्रेमशाही मुंडा ने कहा कि बाबा साहेब के बताये मार्ग पर चलने की आवश्यकता है. आदिवासी, पिछडे और दलित समाज को शिक्षित होने की जरूरत है. तभी लोग संगठित होंगे और आगे बढ़ेंगे. केंद्रीय सरना समिति के महासचिव कृष्ण कांत टोप्पो ने कहा कि बाबा साहेब की जीवन गाथा के बारे में जानना चाहिए. उनका संघर्ष लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है. आदिवासी चीक बड़ाईक समाज के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभु दयाल बड़ाईक ने कहा कि भीमराव अंबेडकर के कारण ही आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों को आरक्षण मिला है. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष महावीर उरांव ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के इतिहास को जानने की जरूरत है. मौके पर डोली मंजू लिंडा, कुसुम कुमारी लकड़ा, संगीता टोप्पो, कर्मा तिग्गा, रमा कांत पासवान, मुकेश मुंडा, बबलू उरांव, धीरज सेठ आशीष कुजुर, अशोक नाग, संदीप उरांव, प्रो विक्रम कुमार समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – जमीन">https://lagatar.in/ed-should-go-to-the-ground-level-in-land-scams-bandhu-tirkey/">जमीन
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बाबा साहेब के बताये मार्ग पर चलने की जरूरत : प्रेमशाही मुंडा

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