Hazaribagh: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित सहकारिता सम्मेलन 2026 के तहत विनोबा भावे विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में मंगलवार को समापन समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की शामिल हुईं.
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अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि बड़े-बड़े राज्यों और देशों में सहकारिता के माध्यम से विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं. झारखंड में भी सहकारिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें धरातल पर उतारने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा.

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीण समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है. उन्होंने सहकारिता समितियों के प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने तथा अधिक से अधिक लोगों को सहकारिता से जोड़ने का आह्वान किया.
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों एवं सहकारी समितियों के बीच परिसंपत्तियों एवं प्रमाण-पत्रों का वितरण किया गया. झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के माध्यम से चयनित किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत ऋण स्वीकृति पत्र एवं चेक प्रदान किए गए. साथ ही बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) को पीओएस मशीनें उपलब्ध कराई गईं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच और सुदृढ़ होगी.
सहकारिता विभाग के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स समितियों को सम्मानित किया गया. इसके अतिरिक्त झारक्रोफेड एवं झारकोफिश के माध्यम से लाभुकों को विभिन्न परिसंपत्तियों, उपकरणों एवं सहायता सामग्री का वितरण किया गया. कार्यक्रम में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को निबंधन प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए.
मंत्री ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं बल्कि सामाजिक और सामुदायिक विकास का प्रभावी माध्यम है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा किसानों एवं उत्पादकों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी.
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