New Delhi : NEET पेपर लीक मामले में आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के क्रम में न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने पेपर लीक मामले में खामियों के लिए जवाबदेही तय करने पर जोर दिया. साथ ही जस्टिस नरसिम्हा ने शिक्षा मंत्रालय से NEET-UG परीक्षाओं की जांच प्रक्रिया का ब्योरा तलब किया.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जवाबदेही तय नहीं होने से ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैा. कोर्ट ने वहां उपस्थित NTA के अधिकारी से सवाल किया, UPSC तो बड़े पैमाने पर परीक्षा आयोजित करता है, लेकिन वहां कभी पेपर लीक नहीं हुआ. साथ ही कहा कि NTA को उनसे सीखने की जरूरत है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे ही पेपर लीक होते रहे तो यह न केवल छात्रों के लिए वरन उनके परिवारों के लिए भी भयावह होगा. इसका जवाब देते हुए सरकार की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.
जस्टिस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा, हमें अपने युवाओं को निराश नहीं करना चाहिए.याचिका में मेडिकल प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए मजबूत और स्वायत्त निकाय के साथ राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को बदलने या पुनर्गठन करने का निर्देश देने की मांग भी की गयी है.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि सरकार युवाओं की चिंताओं के बारे में गंभीरता से चिंता कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि कोई कमी न रह जाये.
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