Jamshedpur (Anand Mishra) : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से इस वर्ष आयोजित नीट परीक्षा के रिजल्ट में ग्रेस मार्क्स को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. इसे लेकर दायर तीन याचिकाओं पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान केंद्र की ओर से प्रस्ताव रखा गया कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 उम्मीदवारों के स्कोर कार्ड निरस्त होंगे. उसके बाद बिना ग्रेस मार्क्स के स्कोर कार्ड जारी किए जाएंगे. एनटीए की कमेटी की ओर से ये प्रस्ताव सुझाये गये हैं. गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद एनटीए की ओर से इस कमेटी का गठन किया गया था. लगातार तीन दिनों तक बैठक के पश्चात कमेटी ने उक्त प्रस्ताव सुझाए हैं. आज सुप्रीम कोर्ट में ग्रेस मार्स्ी के मुद्दे पर सुनवाई हुई, जबकि पेपर लीक के आरोप की याचिका पर आगामी आठ जुलाई को सुनवाई होगी. इसे भी पढ़ें : Chaibasa">https://lagatar.in/chaibasa-water-crisis-deepens-in-many-villages-of-goilkera-rivers-and-drains-dry-up/">Chaibasa
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क्या है आरोप और कमेटी का सुझाव
याचिकाकर्ताओं ने नीट परीक्षा में 1563 कैंडिडेट्स को दिए गए ग्रेस मार्क्सो पर आपत्ति जताई थी. एनटीए ने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था. कमेटी ने पिछले 10 से 12 जून लगातार तीन जून तक बैठक की. उसके बाद सुझाव दिया है कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 उम्मीदवारों के स्कोर कार्ड निरस्तव करते हुए उनके लिए फिर से परीक्षा का आयोजन किया जाना चाहिए. इन विद्यार्थियों को उनके बगैर ग्रेस मार्स्स् वाले ओरिजिनल स्कोर भी बताये जाने चाहिए. परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत पर कई राज्यों के हाईकोर्ट में भी याचिकाएं दायर की गई हैं. ऐसे में जहां भी ग्रेस मार्क्स को लेकर याचिका दायर की गई है वहां सुप्रीम कोर्ट का आदेश ही लागू होगा. इसे भी पढ़ें : Jamshedpur">https://lagatar.in/jamshedpur-child-burnt-by-firecracker-in-neemdih-undergoing-treatment-in-mgm-hospital/">Jamshedpur: नीमडीह में पटाखे से झुलसा बालक, एमजीएम अस्पताल में इलाजरत काउंसेलिंग पर रोक से इन्कार कर चुका है सुप्रीम कोर्ट इससे पहले 11 जून को सुप्रीम कोर्ट ने छात्रा शिवांगी मिश्रा समेत नौ अन्य छात्रों की याचिका पर सुनवाई की थी. इसे रिजल्ट की घोषणा से पहले 1 जून को दायर किया गया था. उम्मीदवारों ने बिहार और राजस्थाेन के परीक्षा केंद्रों पर गलत प्रश्नपत्र बंटने के चलते गड़बड़ी की शिकायत करते हुए परीक्षा रद्द कर एसआईटी जांच की मांग की थी. इस पर सुप्रीम कोर्ट काउंसेलिंग पर रोक लगाने से इन्कार कर चुका है. इसे भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-thieves-broke-the-lock-of-aituc-leaders-house-in-baghmara-and-took-away-property-worth-lakhs/">धनबाद
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