कांग्रेस सांसद कहा कि यह लाखों बच्चों व उनके माता-पिता की चिंता से जुड़ा हुआ मसला है. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी तथा देश की व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कहा, उन्हें विश्वास है कि छात्रों के साथ अन्याय नहीं होगा.
दरअसल देश में जारी NEET विवाद के बीच आज सोमवार को शिक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति की बैठक हुई. बैठक के बाद दिग्विजय सिंह यह बात कही. बैठक में भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद, घनश्याम तिवाड़ी, बांसुरी स्वराज तथा संबित पात्रा मौजूद रहे. इसके अलावा विपक्ष की तरफ से डीएमके सांसद टी. सुमति, सपा सांसद राजीव राय सहित कांग्रेस के डीन कुरियाकोस भी शामिल हुए.
सूत्रों के अनुसार बैठक में मौजूद मंत्रालय और एनटीए के अधिकारियों की सदस्यों ने अच्छी तरह से क्लास ली. नाराजगी व्यक्त करते हुए हुए कहा कि ऐसी स्थिति आखिर क्यों पैदा हो रही है कि परीक्षा कराने के लिए सेना की मदद लेने की जरूरत आन पड़ी है. आखिर एक परीक्षा को सही तरीके से आयोजित कराने के लिए प्रधानमंत्री को क्यों हस्तक्षेप करना पड़ता है,
समिति के सदस्यों ने कहा कि आखिर बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाएं क्यों हो रही है. जानकारी के अनुसार आज की बैठक में आगामी 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा की तैयारियों पर विस्तार से मंथन किया गया. बैठक में NEET पेपर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने तथा छात्रों के मन में दोबारा विश्वास जगाने के संदर्भ में अहम सुझाव सामने आये.
सूत्रों के अनुसार बैठक पूर्व समिति के सदस्यों ने अनौपचारिक बातचीत की, सत्तापक्ष के सांसदों ने कहा कि जांच जारी रहने के बीच बैठको क्यों की जा रही है. इस मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है. इस पर दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि मामला राजनीति का नहीं है. यह लाखों छात्रों तथा अभिभावकों की चिंता से जुड़ा सवाल है.
दिग्विजय सिंह ने शिक्षा मंत्रालय और विभाग के अधिकारियों को 21 जून को आयोजित NEET पुनर्परीक्षा के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं भी दीं. साथ ही समिति ने उनसे जानना चाहा कि परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित तथा फुल-प्रूफ बनाने के लिए क्या इंतजाम किये जा रहे हैं.
अधिकारियों ने जानकारी दी कि पेपर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए इन-हाउस पेपर सेटर्स, शिक्षकों तथा प्रोफेसरों की मदद ली जा रही है. अहम बात यह है कि समिति के सदस्यों का सुझाव था कि 21 जून की होनेवाली पुनर्परीक्षा से पूर्व छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी या शिक्षा मंत्री द्वारा छात्रों के नाम संदेश जारी किया जाना चाहिए,
ताकि उन्हें भरोसा हो कि वे अकेले नहीं हैं. इसी बीच खबर आयी है कि NEET-UG प्रश्न पत्र लीक मामले में पूर्व में गिरफ्तार र्किये गये तीन आरोपियों को आज सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
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