Ranchi: रोड सेफ्टी के लिए बनी 166 करोड़ रुपये की योजनाओं में लापरवाही बरतने के मामले में IAS संजीव बेसरा से स्पष्टीकरण पूछा गया है. वह फिलहाल परिवहन आयुक्त के पद पर पदस्थापित हैं और रोड सेफ्टी फंड मैनेजिंग कमेटी के सदस्य सचिव भी है. योजनाओं में लापरवाही के सिलसिले में उनसे पूछा जाने वाला यह दूसरा स्पष्टीकरण है. उन्हें तीन दिनों के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया गया है.
जानकारी के मुताबिक परिवहन सचिव राजीव रंजन ने जुलाई के अंतिम दिनों में संजीव बेसरा से पहली बार स्पष्टीकरण पूछा था. साथ ही उन्हें तीन दिनों के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया था. लेकिन एक महीने तक जवाब नहीं दिये जाने की वजह से उनसे दूसरी बार सितंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में स्पष्टीकरण पूछा गया है. इसमें उन्हें आवश्यक दस्तावेज के साथ निम्न लिखित बंदुओं पर जवाब देने का निर्देश दिया गया है.
संजीव बेसरा से पूछा गया है
- -10 अक्टूबर 2025 को स्वीकृत योजनाओं की वर्तमान स्थिति और प्रगति.
- -स्वीकृत योजनाओं के अब तक लंबित रहने का कारणों का तथ्यात्मक विवरण.
- -योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंधित में की गयी प्रशासनिक कार्रवाई और मोनिटरिंग का ब्योरा.
- -वीर विभागों और क्रियान्वयन करने वाले एजेंसियों के साथ किये गये पत्राचार का विवरण.
- -सभी स्वीकृत योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए निर्धारित समय सीमा और कार्य योजना का ब्योरा.
- -पहले स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिये जाने का कारण.
उल्लेखनीय है कि 10 अक्टूबर 2025 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में रोड सेफ्टी फंड मैनेजिंग कमेटी की बैठक हुई थी. इसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए रोड सेफ्टी से जुड़ी 166 करोड़ रुपये की योजनाओं की स्वीकृति दी गयी थी. इन योजनाओं को क्रियान्वित करने का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में कमी लाना और रोड सेफ्टी को बढ़ाना है. लेकिन योजनाओं की स्वीकृति के 10 महीने बाद भी इसमें आवश्यक प्रगति नहीं होने की वजह से संजीव बेसरा से पहली बार स्पष्टीकरण पूछा गया था.
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद 13 मार्च 2026 को परिवहन सचिव की अध्यक्षता में रोड सेफ्टी के लिए स्वीकृत योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई थी. इसमें योजनाओं से संबंधित प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने और योजनाओं के क्रियान्वयन का निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद परिवहन आयुक्त ने इन निर्देशों को पूरा करने में लापरवाही बरती. रोड सेफ्टी का यह मामला सुप्रीम कोर्ट के Suo Motu Writ से संबंधित हैं.
रोड सेफ्टी से जुड़ी स्वीकृत योजनाओं का उदाहरण
| योजना | लागत |
| ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील स्थानों पर SVD/ANPR/CCTV कैमरे लगाना. | 55.00 करोड़ |
| वाहन वजन प्रणाली स्थापित करना. | 0.75 करोड़ |
| ब्लैक स्पॉट, दुर्घटना संभावित क्षेत्र आदि का सुरक्षा संकेत लगाना. | 15.00 करोड़ |
| Automated Testing Tracks की स्थापना. | 20.00 करोड़ |
| BPRD मापदंडों के अनुसार सड़क सुरक्षा उपकरणों की खरीद. | 54.20 करोड़ |
