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न मोदी आये, न विशाल जनजाति सम्मेलन हुआ

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Ranchi: झारखंड के लोग 11 फरवरी को रांची में होने वाले विशाल जनजाति सम्मेलन का इंतजार कर रहे थे. इसमें नरेंद्र मोदी भी आने वाले थे. 11 फरवरी बीत गया, लेकिन न विशाल जनजाति सम्मेलन हुआ और न नरेंद्र मोदी आये. मोदी आते भी कैसे. वे तो मध्य प्रदेश के झाबुआ में जनजाति सम्मेलन में मौजूद थे. भाजपा ने 13 जनवरी को घोषणा की थी कि 11 फरवरी को रांची में विशाल जनजाति सम्मेलन होगा. सभी जिलों में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जोरशोर से सम्मेलन की तैयारी में जुटे थे. बाद में किसी कारण यह टल गया और रांची की जगह झाबुआ में सम्मेलन हुआ. भाजपा एसटी मोर्चा की ओर से रांची में कार्यक्रम रद्द होने की सूचना मीडिया को नहीं दी गई. हद तो तब हो गई जब सम्मेलन के दिन (11 फरवरी को) मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव से इस संबंध में पूछा गया तो वे उल्टे बरस पड़े. कहा आपलोगों को ही ज्यादा जानकारी होती है. जब उनसे कहा गया कि कुछ दिन पहले तक तो यह सम्मेलन रांची में प्रस्तावित था. अगर रद्द हुआ तो इसकी सूचना दी जानी चाहिए थी. तब उन्होंने कहा कि एक महीने में बहुत कुछ बदल जाता है. आज पीएम का कार्यक्रम झाबुआ में हुआ है. रांची में कब होगा वो जल्द बताएंगे. इसे भी पढ़ें -झारखंड">https://lagatar.in/nda-government-will-be-formed-in-jharkhand-sudesh-mahato/">झारखंड

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गेम चेंजर सम्मेलन को लेकर थी जोरदार तैयारी

रांची में होने वाले जनजाति सम्मेलन भाजपा एसटी मोर्चा की ओर से प्रस्तावित था. इसकी घोषणा भाजपा की ओर से 13 जनवरी को की गई थी. दिल्ली से आकर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री राधामोहन दास अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी थी. 13 जनवरी को ही प्रदेश भाजपा मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव और मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेताओं ने बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की थी. तय हुआ कि सम्मेलन में झारखंड ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों से भी जनजाति समाज के लाखों लोग आयेंगे. पीएम नरेंद्र मोदी से भी कार्यक्रम में आने का आग्रह किया जाएगा. भाजपा नेताओं ने दावा किया कि इस सम्मेलन से झारखंड की राजनीति में चमत्कारी परिवर्तन होगा और यह एक प्रकार का गेम चेंजर साबित होगा. इसके बाद फिर 18 जनवरी को भाजपा नेताओं की बैठक हुई और फिर से 11 जनवरी को सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा हुई. प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी दावा किया कि ऐतिहासिक सम्मेलन होगा, लेकिन सम्मेलन नहीं हुआ और न इसके रद्द होने की सूचना दी गई.

हमेशा टल जाते हैं एसटी मोर्चा के कार्यक्रम

झारखंड में भाजपा एसटी मोर्चा के कार्यक्रमों का इस तरह रद्द होने की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी भाजपा एसटी मोर्चा की माटी, रोटी, बेटी बचाओ अभियान का भी यही हश्र हुआ था. जुलाई 2023 में भाजपा एसटी मोर्चा की ओर से घोषणा की गई कि 5 अक्टूबर से 26 नवंबर तक माटी, रोटी, बेटी बचाओ अभियान चलेगा. मोर्चा के नेता और कार्यकर्ता जोरशोर से इसकी तैयारी में लगे. खूब बैठकें हुई, लेकिन आज तक एसटी मोर्चा अपने कार्यक्रम को शुरू नहीं कर पाया है. इसे भी पढ़ें -मध्य">https://lagatar.in/pm-modi-said-in-madhya-pradesh-congress-remembers-villages-poor-and-farmers-during-elections/">मध्य

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