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न विपक्ष ने मांग की, ना राज्यपाल ने निर्देश दिया, तो विस सत्र पर लाखों का खर्च क्यों: रघुवर

Ranchi: पूर्व सीएम और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने कहा है कि हेमंत सरकार 5 सितंबर को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान बहुमत साबित करेगी. विश्वास मत हासिल करने के लिए न तो विपक्ष ने मांग की है और ना ही राज्यपाल ने निर्देश दिया है. फिर फ्लोर का इस प्रकार दुरुपयोग क्यों किया जा रहा है. इसमें लाखों रुपये खर्च होंगे. इसका बोझ राज्य की जनता पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि विगत ढाई वर्षों में झामुमो-कांग्रेस की सरकार ने कोयला, बालू, गिट्टी की लूट की, और शराब के व्यापार के साथ-साथ ट्रांसफर-पोस्टिंग का धंधा चलाकर हजारों करोड़ रुपये की उगाही की है. यहां तक की मुख्यमंत्री ने अपने और अपने परिवार वालों अथवा लोगों के नाम पर लीज भी ले रखी है. जिसका परिणाम है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार वाले तथा सहयोगी केंद्रीय एजेंसियों की रडार पर हैं. मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के पद पर रहते हुए स्वयं के नाम पर माइनिंग लीज लेने के परिणाम स्वरूप मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता खतरे में है. झामुमो समेत सत्ताधारी दलों के असंतुष्ट विधायकों और राज्य की भोली-भाली जनता को झांसा देने के लिए हेमंत सोरेन रोज नई-नई नीतियों की घोषणा कर रहे हैं. इसे पढ़ें-शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-04-sept-upa-mla-returned-to-ranchi-including-many-news-and-videos/">शाम

की न्यूज डायरी।।04 सितंबर।।रांची लौटे UPA MLA,कल विशेष सत्र।।CM का BJP पर षडयंत्र का आरोप।।दुमका जाएंगे NCPCR अध्यक्ष।।कांग्रेस का हल्लाबोल,झारखंड के नेता हुए शामिल।।PM पर राहुल का सीधा अटैक।।साइरस मिस्त्री का कार हादसे में निधन।।

स्थानीय नीति लाने का प्रयास जनता को धोखा देना

उन्होंने कहा कि मिल रही जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार सत्र के दौरान स्थानीय नीति के तौर पर 1932 या 1965 का खतियान लागू करने की योजना बना रही है. विगत विधानसभा सत्र में 23 मार्च 2022 को हेमंत सोरेन ने स्वयं विधानसभा में यह घोषणा की थी कि 1932 के आधार पर स्थानीय नीति नहीं बनायी जा सकती है. फिर अचानक ऐसा क्यों है कि उनके मन में परिवर्तन हो गया, यह समझने वाली बात है. सच्चाई यह है कि हेमंत को ऐसी राय दी गई है कि वे नियुक्तियों के संबंध में 1932 के खतियान के आधार मूलवासियों को दिये जाने वाले किसी प्रकार के आरक्षण की घोषणा नहीं करें. सिर्फ 1932 खतियान के आधार पर स्थानीयता की घोषणा कर दें, ताकि 1932 के खतियान की घोषणा भी हो जाये. नियुक्तियों में आरक्षण की बात भी नहीं हो. इस तरह राज्य के मूलवासियों को धोखा दिया जा सके.

ओबीसी आरक्षण की बात भी लॉलीपॉप के समान होगा

रघुवर ने कहा कि राज्य के पिछड़े वर्ग को दिये जाने वाले आरक्षण की प्रतिशत में वृद्धि की घोषणा की भी बात की जा रही है. परंतु इस मामले में भी राज्य सरकार की नियत पर गंभीर संदेह है. हमारी सरकार ने आरक्षण देने के लिए सर्वे का कार्य शुरू कराया था जो वर्तमान सरकार ने बंद करा दिया. बिना सर्वे के आरक्षण कैसे दिया जा सकेगा. इसे भी पढ़ें-हजारीबाग:">https://lagatar.in/hazaribagh-nursing-home-vandalized-on-patients-death-demand-for-action-on-doctors/">हजारीबाग:

मरीज की मौत पर नर्सिंग होम में तोड़फोड़, चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग
रघुवर ने आगे कहा, अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इंदिरा साहनी के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा दिये गए न्याय निर्णय और 50 प्रतिशत की सीमा का किस प्रकार से निराकरण किया गया है. तो क्या इस मामले में भी झामुमो कांग्रेस की सरकार राज्य के बहुसंख्यक पिछड़ा वर्गों को लॉलीपॉप दिखाने का काम करेगी. [wpse_comments_template]    

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