Dhanbad News: खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) से विकास योजनाओं को गति दी जाएगी. शुक्रवार को समाहरणालय स्थित बहुउद्देशीय प्रशिक्षण केंद्र में उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में न्यास परिषद की बैठक हुई. इसमें जनप्रतिनिधियों की अनुशंसित 2536 नई योजनाओं के अनुमोदन का प्रस्ताव रखा गया.
उपायुक्त ने कहा कि अगले तीन से छह महीने में अधिकांश योजनाओं का असर धरातल पर दिखने लगेगा. योजनाओं में गुणवत्ता की कमी की शिकायत मिलने पर दो से तीन दिनों के भीतर जांच कर कार्रवाई की जाएगी.
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उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक स्वास्थ्य उपकेंद्र क्रियाशील हो और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधायुक्त भवन मिले. जिले के 140 विद्यालयों को मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है.
उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने बताया कि डीएमएफटी की योजनाओं में 70 प्रतिशत राशि पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला एवं बाल कल्याण और कौशल विकास जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर खर्च करने का प्रस्ताव है. शेष 30 प्रतिशत राशि सड़क, ऊर्जा और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर खर्च की जाएगी.
उन्होंने कहा कि जिले के 391 सरकारी विद्यालयों के नवीनीकरण की योजना पर काम चल रहा है. इनमें 87 विद्यालयों में आधुनिक फर्नीचर, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. वहीं 1558 विद्यालयों के विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन के लिए थाली और गिलास दिए गए हैं.
डीएमएफटी से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सदर अस्पताल में ओपीडी पंजीकरण प्रणाली का आधुनिकीकरण किया गया है.वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए अलग काउंटर तथा सखी हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है. अस्पताल में आधुनिक आई-ओटी के जरिए 415 से अधिक मरीजों का निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया है. पहली बार ऑर्थोपेडिक सर्जरी की सुविधा भी शुरू हुई है.
उप विकास आयुक्त ने कहा कि तोपचांची में डायलिसिस यूनिट स्थापित की गई है.वहीं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दो लाख बच्चों की स्क्रीनिंग में पांच हजार बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी कमियां पाई गईं. इनमें 1600 बच्चों का इलाज कराया गया.
उन्होंने कहा कि जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने के लिए 419 नए भवनों के निर्माण की योजना पर काम चल रहा है. इसके अलावा 201 आंगनबाड़ी केंद्रों को नए भवन उपलब्ध कराए गए हैं. वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक 82.5 प्रतिशत केंद्रों को अपने पक्के भवन में संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है.
पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब तक 7901 ट्यूबवेलों का नियमित अनुरक्षण, 2405 राइजर पाइप और 97 उच्च क्षमता वाले ट्यूबवेल लगाए गए हैं. वहीं 793 तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना में 205 को स्वीकृति मिली है.
बैठक में विधायकों और मुखियाओं ने क्षेत्र की जरूरतों से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया.टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने सड़क मरम्मत, दुर्घटना रोकने के लिए गार्ड वॉल और ग्रामीण विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने का सुझाव दिया.
धनबाद विधायक राज सिन्हा ने सेंट्रल लाइब्रेरी को स्मार्ट लाइब्रेरी बनाने, दामोदरपुर में नगर वन विकसित करने और कपालघाट श्मशान में सुविधाएं बढ़ाने का प्रस्ताव रखा.
निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने आवास योजना, प्रशिक्षण केंद्र, अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम और मोबाइल हेल्थ केयर एंबुलेंस की मांग की. सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने लाइब्रेरी में कंप्यूटर और किताबें उपलब्ध कराने तथा स्कूलों से जुड़ी समस्याओं के समाधान का आग्रह किया.
उपायुक्त ने कहा कि जमीन संबंधी विवाद और स्थानीय अड़चनों के कारण कई बार निर्माण कार्य में देरी होती है. विकास योजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय जरूरी है. बैठक में डीएमएफटी से संचालित योजनाओं की समीक्षा के साथ नए प्रस्तावों पर चर्चा की गई.
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