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रिम्स में शुरू होगी नयी वीआईपी क्लीनिक व्यवस्था, मरीजों को लंबी कतार से अलग सुविधा मिलेगी

राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में मरीजों को बेहतर और जल्द इलाज मुहैया कराने के लिए नयी व्यवस्था लागू की जा रही है. अस्पताल में जल्द ही वीआईपी क्लीनिक शुरू किया जाएगा, जहां सामान्य ओपीडी की भीड़ और लंबी कतार से अलग सुविधा मिलेगी.
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 Ranchi : राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में मरीजों को बेहतर और जल्द इलाज मुहैया कराने के लिए नयी व्यवस्था लागू की जा रही है. अस्पताल में जल्द ही वीआईपी क्लीनिक शुरू किया जाएगा, जहां सामान्य ओपीडी की भीड़ और लंबी कतार से अलग सुविधा मिलेगी.

 

यह क्लीनिक देश के बड़े संस्थानों जैसे एम्स, सीएमसी और एसजीपीजीआई की तर्ज पर संचालित होगा. यहां मरीजों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श और जरूरी जांच की सुविधा मिलेगी. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इससे ओपीडी पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर विकल्प मिलेगा.

 

शुरुआत में फिजिशियन, हृदय रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट और हड्डी रोग विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी. फिलहाल रोजाना 10 से 15 मरीजों को ही इस क्लीनिक में देखा जाएगा. आगे मरीजों की प्रतिक्रिया के आधार पर सेवाओं का विस्तार किया जाएगा.

 

नाम भले ही वीआईपी क्लीनिक रखा गया है, लेकिन यह सुविधा केवल खास लोगों के लिए नहीं होगी.कोई भी मरीज निर्धारित शुल्क देकर यहां इलाज करा सकेगा.

 

रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार के अनुसार अस्पताल में अक्सर वीआईपी मरीजों की वजह से सामान्य मरीजों को परेशानी होती है. नई व्यवस्था से दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है.

 

इस क्लीनिक की एक खास बात यह होगी कि मरीजों को जांच के लिए अलग-अलग जगह नहीं जाना पड़ेगा. एक्स-रे, ईसीजी, अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी. इससे मरीजों का समय बचेगा और इलाज की प्रक्रिया तेज होगी.

 

वीआईपी क्लीनिक रिम्स के पेइंग वार्ड के ग्राउंड फ्लोर पर शुरू किया जाएगा. इसके लिए उस स्थान को चुना गया है, जहां पहले कैंटीन संचालित होती थी. क्लीनिक के लिए जरूरी उपकरण कोल इंडिया के सीएसआर फंड से उपलब्ध कराए जाएंगे. मशीनों के आने और इंस्टॉलेशन के बाद सेवा शुरू हो जाएगी.

 

फिलहाल इस क्लीनिक का शुल्क तय नहीं किया गया है, लेकिन संभावना है कि मरीजों को 100 से 150 रुपये तक फीस देनी होगी. यह सामान्य ओपीडी से अधिक होगा, लेकिन इसके बदले मरीजों को जल्दी और बेहतर सुविधा मिलेगी.

 

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