Ranchi: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची में शुक्रवार को स्नातक के नव नामांकित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम सह छात्र प्रेरण कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में किया गया. कार्यक्रम विश्वविद्यालय के नए प्रशासनिक भवन स्थित रवीन्द्रनाथ टैगोर सभागार में आयोजित हुआ.

पहला सत्र पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के अंतर्गत बीबीए और बीसीए विभाग के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया, जबकि दूसरे सत्र में हिंदी, भूगोल, गणित और लोक प्रशासन विभाग के विद्यार्थियों ने भाग लिया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय से उनकी नई शैक्षणिक यात्रा शुरू हो रही है. उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि जीवन को सार्थक बनाना होना चाहिए.
उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उद्धरण दोहराते हुए कहा, "सपना वह होता है जो आपको लक्ष्य प्राप्ति तक सोने न दे." कुलपति ने विद्यार्थियों से नवाचार, अनुसंधान, सामाजिक संवेदनशीलता और उत्कृष्टता को जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान करते हुए उन्हें राज्य और देश का भविष्य बताया.
कार्यक्रम के दौरान कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों को नशा मुक्ति अभियान के तहत नशा मुक्ति की शपथ दिलाई और स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प कराया. इसी अवसर पर कुलपति, डीएसडब्ल्यू डॉ. सर्वोत्तम कुमार तथा कुलानुशासक डॉ. अजय चौधरी ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के पहचान पत्र (आईडी कार्ड) भी वितरित किए.
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. धनंजय द्विवेदी ने विद्यार्थियों को अनुशासन, समयबद्धता और शैक्षणिक उत्कृष्टता अपनाने की प्रेरणा दी. वहीं डीएसडब्ल्यू डॉ. सर्वोत्तम कुमार ने नैतिक मूल्यों, अनुशासन और नियमित अध्ययन के महत्व पर जोर दिया.
प्रथम सत्र में सेंटर फॉर वोकेशनल स्टडीज की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रजनी कुमारी ने अतिथियों का स्वागत किया. इस दौरान स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के निदेशक डॉ. जे.पी. शर्मा, बीसीए विभाग की सह-समन्वयक डॉ. नमिता लाल तथा डॉ. जाफर अब्बास ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया.
दूसरे सत्र में कुलानुशासक डॉ. अजय चौधरी ने अनुशासन पर बल दिया. वहीं भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. अभय कृष्ण सिंह, परीक्षा नियंत्रक एवं लोक प्रशासन की समन्वयक डॉ. शुचि संतोष बरवार, गणित विभागाध्यक्ष एवं वित्त पदाधिकारी डॉ. अनीता मेहता तथा हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. जिंदर सिंह मुंडा ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रमों, नियमावली और इतिहास की जानकारी दी.
विश्वविद्यालय के अन्य सभी पारंपरिक एवं व्यावसायिक विभागों में भी विभागाध्यक्षों और समन्वयकों के निर्देशन में समानांतर रूप से इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई.
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत मेजर और माइनर विषयों के चयन, क्रेडिट सिस्टम तथा विभिन्न सेमेस्टरों में विषय चयन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी पीपीटी के माध्यम से दी गई. इसकी सॉफ्ट कॉपी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी तथा विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड की जाएगी. यह जानकारी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) डॉ. राजेश कुमार सिंह ने दी.
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