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पश्चिमी सिंहभूम की खबरें : जैतगढ़ के गुमुरिया, मुन्दुई घाट से बालू की अवैध तस्करी जारी

Kiriburu (Shailesh Singh) : खनन विभाग, जगन्नाथपुर पुलिस-प्रशासन एवं बालू माफियाओं की मिलीभगत से जगन्नाथपुर थाना अन्तर्गत जैतगढ़ ओपी क्षेत्र के मुन्डुई, गुमुरिया, कुआड़ा बालू घाट से हाइवा व ट्रैक्टर से दिन-रात बालू की अवैध तस्करी जारी है. इस अवैध कारोबार में आसपास गांवों के लगभग 40-50 ट्रैक्टर व दर्जनों हाइवा व ट्रक को लगाया गया है. बालू तस्करी में शामिल इन वाहनों से प्रतिमाह लगभग 6-8 लाख रुपये की वसूली बालू माफियाओं के द्वारा की जाती है. वसूली के पैसे उक्त विभागों के कुछ अधिकारियों के अलावे कुछ राजनीतिक व दबंग लोगों के पास एक लाख रूपये से लेकर 20 हजार रूपये तक उनकी योग्यता अनुसार हर माह पहुंचाया जाता है. बाकी के पैसों की बंदरबांट स्वयं माफियाओं द्वारा की जाती है. माफिया द्वारा इस कार्य में शामिल वाहनों की नम्बरों की सूची भी उक्त अधिकारियों को उपलब्ध कराया जाता है ताकि वे किसी भी परिस्थिति में इन वाहनों को न पकड़े. इसे भी पढ़ें : हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-adani-foundation-organized-health-camp-medicines-given-free-of-cost/">हजारीबाग

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alt="" width="600" height="400" /> बालू तस्करी में लगे कुछ विश्वस्त ट्रैक्टर मालिकों ने “लगातार न्यूज” को बताया कि बालू माफिया इस तस्करी में शामिल प्रत्येक ट्रैक्टर मालिकों से प्रतिमाह 15 से 18 हजार रुपये एक मुस्त रकम की वसूली करते है. लगभग 40-50 ट्रैक्टर से यह वसूली होती है. हाइवा से अधिक रकम की वसूली होती है. कुछ ट्रैक्टर मालिक पैसा नहीं दे पाते हैं तो उनका ट्रैक्टर को पकड़वा दिया जाता है. जेसीबी मशीन और मजदूरों से वाहनों में बालू लोड किया जाता है. रात के समय जैतगढ़ क्षेत्र की तमाम सड़कों पर अवैध बालू लदे वाहन दौड़ने लगती है. इसे भी पढ़ें : गठबंधन">https://lagatar.in/next-line-of-congress-will-be-decided-after-the-alliance-meeting-ghulam-ahmed-mir/">गठबंधन

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जैतगढ़ अर्थात अवैध बालू घा गांव क्षेत्र के कुछ ट्रैक्टर मालिकों ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया की प्रशासन हम गरीब लहरों पर पहरे बैठा रही है और समंदरों की तलाशी कोई लेने वाला नहीं है. हम गरीब लोन लैकर ट्रैक्टर खरीदें. बालू घाट बंद होने से हमारे सामने बेरोजगारी व लोन भरने की समस्या उत्पन्न हो गई. बाहरी बडे़ माफिया कुछ स्थानीय माफिया को अपने साथ मिलाकर अवैध बालू की तस्करी वर्षों से कर रहे हैं. लेकिन वह हम स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों को भी नहीं छोड़ रहे हैं. पैसा नहीं देने पर हमारा ट्रैक्टर पकड़वा देते हैं. जबकि उनकी हाईवा ट्रकें दिन-रात जेसीबी मशीनों से लोड होकर जाते रहती है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-trouble-over-the-ration-of-the-poor-pds-dealers-strike-will-continue/">रांची

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किरीबुरु : मेघाहातुबुरु का मीना बाजार का होगा कायाकल्प

  • सीजीएम ने अवैध दुकानों को दो दिन के अंदर तोड़कर हटाने का दिया निर्देश
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alt="" width="600" height="400" /> Kiriburu (Shailesh Singh) : सेल, मेघाहातुबुरु के सीजीएम आरपी सेलबम अपने अधीनस्थ उच्च अधिकारियों व सिविल विभाग की टीम के साथ 3 जनवरी को मीना बाजार पहुंचे. यहां की स्थिति का जायजा लिया. यहां की अव्यवस्थित स्थिति, गंदगी का अंबार आदि देख नाराज हुये. उन्होंने तमाम दुकानदारों को निर्देश दिया की जिन्हें मीना बाजार में नयी दुकानों के लिये शेड व जगह दिया गया है वह उस जगह पर जल्द शिफ्ट हो जायें. तथा दो दिन के अंदर अपने तमाम पुराने अवैध स्ट्रक्चर को हटाकर स्थान को खाली करें, अन्यथा प्रबंधन उनके खिलाफ कार्यवाही करते हुये उनके दुकान आवंटन को रद्द कर देगी. श्री सेलबम ने सिविल विभाग को कहा कि दो दिन के अंदर मीना बाजार के अंदर के कचडा़ को वह पूरी तरह से साफ करवाये. इसे भी पढ़ें : गठबंधन">https://lagatar.in/next-line-of-congress-will-be-decided-after-the-alliance-meeting-ghulam-ahmed-mir/">गठबंधन

की बैठक के बाद तय होगा कांग्रेस का नेक्स्ट लाइन : गुलाम अहमद मीर
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alt="" width="600" height="400" /> लगातार न्यूज से बातचीत में सेलबम ने बताया की उनका प्रयास है मीना बाजार को बेहतर बनाना. यहां कुछ बेरोजगार प्रबंधन से दुकान एलॉट करा अपना रोजगार कर सकें. बाजार में स्थित बाकी दुकानों को भी इच्छुक लोगों को आवंटित किया जायेगा. इस बाजार को सभी सुविधाओं से लैशसौन्दर्यिकरण किया जायेगा. बाजार के चारों तरफ बाउन्ड्री, पेबर ब्लौक से फूटपाथ का निर्माण, महिला व पुरुष के लिये अलग-अलग शौचालय, पेयजल की सुविधा आदि उपलब्ध कराया जायेगा. दुकानदारों का सहयोग जरुरी है, ताकि जल्द सारा कार्य प्रारम्भ हो सके एवां मीना बाजार बेहतर बाजार बन सके. इसे भी पढ़ें : एलबीएसएम">https://lagatar.in/lbsm-college-health-test-of-students-will-be-done-every-friday-employment-fair-will-be-held-twice-this-year/">एलबीएसएम

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उन्होंने कहा कि मीना बाजार के बाहर जितने भी दुकान है उसे हटाने का निर्देश दिया गया है. वह बाजार के अंदर दुकान अलाउट करा सकते हैं. इस दौरान महाप्रबंधक (वित्त) योगेश प्रसाद राम, जेजीओएम के महाप्रबंधक (सीएसआर) नवीन कुमार सोनकुशरे, महाप्रबंधक (सिविल) के बी थापा, संदीप भारद्वाज, अभिजीत कुमार, सीताराम महतो आदि दर्जनों अधिकारी व दुकानदार मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : गठबंधन">https://lagatar.in/next-line-of-congress-will-be-decided-after-the-alliance-meeting-ghulam-ahmed-mir/">गठबंधन

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षड्यंत्र से समाप्त की जा रही है आदिवासियों की पहचान : सुशील

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Kiriburu (Shailesh Singh) : आदिवासी समन्वय समिति (आस) झारखण्ड के कार्यकर्ता द्वारा मनोहरपुर प्रखण्ड के हाकागुई में मरंग गोमके स्व0 जयपाल सिंह मुण्डा की जयन्ती मनाई गई. कार्यकर्ता स्व0 मुंडा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किए. इस दौरान आस" संयोजक सुशील बारला ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि संविधान सभा में जयपाल सिंह मुण्डा ने जब संविधान के प्रथम ड्राप्ट से आदिवासी शब्द को हटा अनुसूचित जन जाति शब्द जोड़ने से नाराज़ होकर कहा था कि हमें आदिवासी से कम और कोई शब्द स्वीकार नहीं होगा. आज आदिवासीयों को, जो भारत के प्रथम नागरिक हैं, जो आदि काल से रहते आ रहे हैं, उन्हें जबरन वनवासी कहा जा रहा है.  ये आदिवासीयों की पहचान को ही षड्यंत्र के तहत समाप्त करना चाहते हैं.

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संविधान की पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून, समता जजमेन्ट को भी षड्यंत्र के तहत अक्षरशः लागू नहीं किया जा रहा है. हमें ग्राम सभाओं को मजबूत बनाकर संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष करना है. यही जयपाल सिंह मुण्डा की सच्ची श्रद्धांजलि होगी. कार्यक्रम को बिरसा लोमगा, शांन्तिएल कंडायबुरु, मनोहर लोमगा, बलदेव जाते, बेनेडिक्ट लुगुन, इस्राइल बरजो, नरेन्द्र केरकेट्टा, नेल्सन लुगुन ने भी संबोधित किया.

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स्व. जयपाल सिंह मुंडा के सपनों के विपरीत झारखंड बना : बोबोंगा

  • झारखण्डियों को अब अपने राज्य में स्थापित होने के लिये नये सीरे से अलग लड़ाई लड़ने की जरूरत है
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alt="" width="600" height="400" /> Kiriburu (Shailesh Singh) : झारखण्ड के आंदोलनकारियों ने पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा के नेतृत्व में आदिवासी- मूलवासी क्लब जगन्नाथपुर में झारखण्ड आंदोलन के जनक मरंग गोमके स्व0 जयपाल सिंह मुंडा की जयन्ती उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर मनाया. इस जयन्ती समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुये पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने कहा कि स्व0 जयपाल सिंह मुंडा ने भारत में झारखण्ड अलग राज्य के लिये जो सपना देख अलग राज्य के लिये आंदोलन छेडा़ था वह आज भी अधूरा है. झारखण्ड राज्य जिन लोगों के लिये अलग हुआ, वह आज भी दर दर की ठोकरे खा रहे हैं. राज्य गठन के 23 साल बाद भी यहां की स्थानीय नीति नहीं बन पाई. आज भी झारखण्ड बाहारी लोगों का चारागाह बना हुआ है. इसे भी पढ़ें : गठबंधन">https://lagatar.in/next-line-of-congress-will-be-decided-after-the-alliance-meeting-ghulam-ahmed-mir/">गठबंधन

की बैठक के बाद तय होगा कांग्रेस का नेक्स्ट लाइन : गुलाम अहमद मीर
न्यायपालिका, कार्यपालिका व मिडिया पर बाहरी लोगों का कब्जा है. सरकार की गलत नीतियों की वजह से बाहरी लोगों की बहाली हो रही है. विकास योजनाओं के कार्यों पर बाहरी ठेकेदारों का कब्जा है. व्यवसाय से लेकर तमाम कंपनियों में प्रवासी लोगों का कब्जा है. यहाँ के भूमि पुत्र रोजगार की तलाश में अन्य प्रदेशों में पलायन कर रहे हैं. खनिज व वनों पर बाहरी लोगों का नियंत्रण है. झारखण्ड में बाहरी संस्कृति हावी होने से झारखण्ड का डेमोग्राफी बदल गया है. आबुआ दिशुम, आबुआ राज के लिये इस माटी के लोगों को एक होना होगा. इसे भी पढ़ें : हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-adani-foundation-organized-health-camp-medicines-given-free-of-cost/">हजारीबाग

: अदाणी फाउंडेशन ने लगाया स्वास्थ्य शिविर, मुफ्त में दी गई दवाइयां
श्री बोबोंगा ने कहा कि संविधान सभा में स्व0 जयपाल सिंह ने कहा था कि हमें अनुसूचित जाति नहीं बल्कि आदिवासी की मान्यता मिले. आदिवासियों को लोकतंत्र का पाठ नहीं पढा़या जाये, क्योंकि आदिवासी जन्मजात लोकतंत्र हैं एवं इनसे लोकतंत्र की शिक्षा लेनी चाहिए. झारखण्डियों को अब अपने राज्य में स्थापित होने के लिये नये सीरे से अलग लडा़ई लड़ने की जरूरत है. इसे भी पढ़ें : गठबंधन">https://lagatar.in/next-line-of-congress-will-be-decided-after-the-alliance-meeting-ghulam-ahmed-mir/">गठबंधन

की बैठक के बाद तय होगा कांग्रेस का नेक्स्ट लाइन : गुलाम अहमद मीर
झारखण्ड के आंदोलनकारी नवाज हुसैन उर्फ बिरसा ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार बाहरी लोगों के रिमोट कंट्रोल पर चल रही है. वह झारखण्ड आंदोलनकारियों को अपमान किया है. उन्होंने अभी तक आंदोलनकारियों को सम्मान देने का कोई कार्य नहीं दिया. आंदोलनकारियों को झारखण्ड का नया नेतृत्व देने के लिये एकजुट होने की जरुरत है. इस दौरान बी सी बेहरा, कृष्णा सिंकु, जगबंधु गोप, सोनाराम पुरती, जोजो बोबोंगा, रघुनाथ हेस्सा, जमादार सिंकु, प्रेम कुजूर, जोलेन भुईयां आदि मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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