भारत सत्याग्रह को लेकर कांग्रेस का नुक्कड़ नाटक
Palamu: हुसैनाबाद प्रखंड के दंगवार पंचायत में भारत सत्याग्रह को लेकर नुक्कड़ सभा का आयोजन दंगवार में किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष लल्लू सिंह एवं संचालन जिला उपाध्यक्ष नवल किशोर पाठक ने किया. कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश सचिव हुसैनाबाद विधानसभा के स्थानीय युवा नेता धनंजय कुमार तिवारी ने किया. मुख्य अतिथि के रूप में पलामू जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक उपस्थित थे. इस दौरान कथित तौर पर केंद्र की गलत नीतियों,अडानी मामले के विरुद्ध नुक्कड़ सभा किया गया. कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने जमकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. इस नुक्कड़ सभा में वरिष्ठ कांग्रेसी शंभू कुमार सिंह, जिला के महासचिव मुकेश सिंह अवधबिहारी सिंह, शैलेश सिंह, गुप्तेश्वर पांडे, कमल कुमार कौशल, ललन चौधरी, अखिलेश प्रसाद द्विवेदी, हसन जी, अर्जुन सिंह राजेश तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जनता एवं महिलाएं मौजूद थी. ------
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/hu-2.jpg"
alt="" width="1280" height="648" />
एके सिंह कॉलेज जपला में अंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम
Palamu: एके सिंह कॉलेज जपला में बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की 132वीं जयंती पर एकेडमिक इंचार्ज -सह- आइक्यूएसी समन्वयक डॉ राम सुभग सिंह की अध्यक्षता में छात्र-सेमिनार का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम एनएसएस के संयुक्त तत्वाधान में संपन्न हुआ. कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर राजेश कुमार सिंह और डॉ आलोक रंजन कुमार ने संयुक्त रूप से किया. 50 से अधिक छात्र-छात्राएं मौजूद थे. छात्र- सेमिनार में सिर्फ छात्र-छात्राएं ही वक्ता थे. अंबेडकर जयंती पर कई छात्र-छात्राओं ने भाषण दिया. इनमें शीतल कुमारी, दिव्या कुमारी, आरुषि कुमारी, बंकटेश कुमार, बबलू कुमार, आलोक कुमार, अतुल कुमार, सेजल कुमारी और अन्य रहे. अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ राम सुभग सिंह ने कहा कि "छात्र-छात्राओं ने बहुत अच्छा भाषण दिया. डॉ अंबेडकर सिर्फ दलितों के ही नेता नहीं थे, बल्कि सच्चे अर्थों में आधुनिक भारतीय राष्ट्र के निर्माता थे. इन्होंने दलितों, किसानों, मजदूरों और महिलाओं के उत्थान एवं मुक्ति के लिए प्रयास किया. शिक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा था कि `शिक्षा, शेरनी का दूध है, जो पियेगा, वह दहाड़ेगा`. साथ ही, ब्राह्मणवाद तथा पूंजीवाद भारतीय समाज के लिए भयंकर बुराई हैं. वेद की तुलना में बुद्ध को प्रासंगिक बताया था. बाबासाहब राजकीय समाजवाद के पक्षधर थे."कार्यक्रम में प्रोफेसर शशि भूषण सिंह और प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह भी उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
Leave a Comment