Ranchi: तेतरियाखाड़ कोलियरी में आगजनी की जिम्मेवारी लेने वाले प्रदीप गंझू की एनआईए कोर्ट ने रिमांड अवधि बढ़ा दी है. एनआईए अब प्रदीप गंझू से 22 अप्रैल तक पूछताछ करेगी. गौरतलब है कि एनआईए ने बीते 14 अप्रैल से 19 अप्रैल तक सुजीत सिन्हा गिरोह के पांच अपराधियों को रिमांड पर लिया था. बाकी चार अपराधियों को छोड़कर एनआईए ने आगजनी का जिम्मेवारी लेने वाला प्रदीप गंझू की रिमांड पर लेकर 22 अप्रैल तक पूछताछ करेगी.
NIA कर रही है तेतरियाखाड़ कोलियरी में आगजनी की जांच
लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र स्थित तेतरियाखाड़ कोलियरी में आगजनी और गोलीबारी के मामले की एनआईए जांच कर रही है. एनआईए की रांची ब्रांच ने कांड संख्या आरसी 01/ 2021 दर्ज किया है. इस मामले की जांच एनआईए के डीएसपी रैंक अधिकारी कर रहे हैं. एनआइए ने आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 353, 504, 506, 307, 427, 335, 386, 387, 120 बी 121ए और 216 शामिल है. आर्म्स एक्ट धारा 25 (1) (b), 26, 27 और 35. विस्फोटक अधिनियम की धारा 3 और 4. यूएपीए धारा 10, 13, 16 (1), 20 और 23 इसके अलावा सीएलए धारा 17 के तहत मामला दर्ज किया है.
NIA सुजीत सिन्हा समेत सात अपराधियों की भूमिका की जांच
तेतरियाखाड़ कोलियरी में आगजनी और गोलीबारी के मामले में एनआईए ने अपराधी सुजीत सिन्हा समेत सात अपराधियों की भूमिका की जांच करेगी. एनआईए जिन अपराधियों की भूमिका की जांच करेगी, उनमें सुजीत सिन्हा, प्रदीप गंझू, अमन साव, सकेंद्रे गंझू, बिहारी गंझू, प्रमोद गंझू, संतोष गंझू समेत कई अज्ञात शामिल हैं.
अपराधियों ने पांच वाहनों में की थी आगजनी
18 दिसंबर 2020 की देर शाम लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र में अपराधियों ने जमकर उत्पात मचाया था. हथियारबंद अपराधियों ने सीसीएल की तेतरियाखाड़ कोलियरी में चार ट्रक और एक बाइक को आग के हवाले कर दिया था. इसके अलावा अपराधियों द्वारा की गई गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल हो गया था. इस घटना की जिम्मेवारी अपराधी सुजीत सिन्हा गिरोह के प्रदीप गंझू ने लिया था.
गिरोह ने ली जिम्मेदारी, कहा-गैंग के आदेश बिना नहीं करें काम
घटना के बाद अपराधी सुजीत सिन्हा गिरोह के अपराधी प्रदीप गंझू ने घटना की जिम्मेदारी ली थी. इस घटना के माध्यम से उसने रांची, चतरा, लातेहार, पलामू, हजारीबाग और रामगढ़ के सभी कोल आउटसोर्सिंग कंपनी, ट्रांसपोर्टिंग कंपनी, रैक लोडिंग, लोकल सेल संचालक और डियो होल्डर को चेतावनी दी था की हमारे गैंग से बिना मैनेज किए हुए जो काम करेगा उसका आगे भी यही अंजाम होगा. खासकर आउटसोर्सिंग कंपनी के ड्राइवर वर्कर्स ट्रांसपोर्टिंग में लगी गाड़ियों के ड्राइवर को चेतावनी दी थी. प्रदीप गंझू ने कहा था कि जब तक गैंग के मयंक भैया और आपके मालिकों से सेटलमेंट नहीं हो जाता है, आप काम ना करें, वरना सबसे पहला शिकार आप होंगे.
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