- वर्ष 2019 में सरायकेला-खरसावां में माओवादियों ने पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला कर पांच पुलिसकर्मियों की कर दी थी हत्या
Ranchi : बहुचर्चित तिरुलडीह नक्सली हमले मामले में आरोपी अनम हस्सा पूर्ति उर्फ अनम हस्सा पूर्ति की जमानत याचिका एनआईए के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत ने खारिज कर दी. यह जमानत याचिका दूसरी बार खारिज की गई है. आरोपी 19 मार्च 2024 से न्यायिक हिरासत में है.
अभियोजन के मुताबिक, 14 जून 2019 को सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ूहाट बाजार में माओवादियों ने पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला कर पांच पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. हमलावर पुलिसकर्मियों के हथियार, वायरलेस सेट और अन्य सामान लूटकर वाहन में आग लगाकर फरार हो गए थे. याचिका पर सुनवाई के दौरान एनआईए कोर्ट को कहा गया कि आरोपी ने माओवादी कमांडरों को मोबाइल फोन, सिम कार्ड, आईईडी बनाने की सामग्री और अन्य लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई थी.
जांच में यह भी सामने आया कि 13 जून 2019 को आरोपी अरहांजा जंगल में हुई उस बैठक में शामिल था. जहां पुलिस बल पर हमले की साजिश रची गई थी. अगले दिन उसे सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई थी. आरोपी प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) का ओवर ग्राउंड वर्कर था और उसने नक्सली साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी.
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