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निकोलस मादुरो अपराधी नहीं हैं!

  • - ट्रंप निर्विवाद वैश्विक गुंडा है

 

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श्रीनिवास

निकोलस मादुरो अपराधी नहीं, वेनेजुएला के राष्ट्रपति हैं! अमेरिका की जेल में रहते हुए भी. डोनाल्ड ट्रंप ने एक संप्रभु देश के राष्ट्रपति का अपहरण करवा कर अपराध किया है! अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के अनुसार भी यह (किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष को बंदी बनाना) एक दंडनीय अपराध है. अब ट्रंप ने मेक्सिको और क्यूबा को भी धमकी दी है! यानी जो भी उसके अनुकूल नहीं होगा, उसके कदमों पर नहीं झुकेगा, उसका हश्र वेनेजुएला और मादुरो जैसा होगा! 


बहुत लोग मानते हैं कि वेनेजुएला की मादुरो सरकार आम जनता के हित में काम करने वाली दुनिया की चुनिंदा सरकारों में से एक है! मादुरो पर निरंकुश होने का आरोप लगता रहा है. इसमें आंशिक सच्चाई भी हो, तो किसी अन्य देश को यह अधिकार कैसे मिल सकता है कि वह फौज के बल पर वहां की सत्ता पर कब्जा कर ले! 


मोदी सरकार पर भी निरंकुशता और विरोधियों के दमन का आरोप लगता रहा है. हम जैसे लोग भी आरोप लगाते हैं. मगर क्या हम चाहेंगे कि अमेरिका या रूस या किसी देश की सेना आकर मोदी जी के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव करे, उनको सत्ता से हटा कर हमारा उद्धार कर दे? कतई नहीं! 
लगता यही है कि वेनेजुएला में मादुरो के राजनीतिक विरोधी अमेरिकी हमले से खुश होंगे.

 

एक तो ट्रंप की प्रशंसक, नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाली कोरिना मचाडो ही हैं. ऐसे तत्वों के कारण संभव है, फिलहाल वेनेजुएला की जनता का एक हिस्सा अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन भी करे, मगर इस या किसी तर्क के आधार पर इस कारवाई को सही नहीं ठहराया जा सकता. इतिहास में इसे दूसरे देश में नाजायज सैन्य हस्तक्षेप के रूप में ही दर्ज किया जाएगा. 

 
सर्वज्ञात है कि अमेरिका खुद को दुनिया का दारोगा समझता रहा है. ट्रंप ने भी अपने कर्म से यही साबित किया है. अनुमान यही है कि अमेरिका की मंशा वेनेजुएला के तेल भंडार को कब्जा करने की है!


आश्चर्य और शर्मनाक कि पूरी दुनिया तमाशबीन बनी हुई है! मगर खुशी और राहत की बात है कि अमेरिका में ही ट्रंप के इस कदम की आलोचना हो रही है. यदि यूएनओ इस घटना पर खामोश रहता है, तो उसके होने का कोई मतलब नहीं है. 

 

हालांकि सुरक्षा परिषद के किसी फैसले को अमेरिका वीटो कर सकता है, मगर कोई फैसला तो हो. इस प्रसंग में भारत सरकार की खामोशी भी दुखद और शर्मनाक है! 


कुछ दिन पहले ही यूक्रेन द्वारा रूसी राष्ट्रपति पुतिन के आवास पर किये गये कथित हमले पर प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी चिंता व्यक्त की थी. हालांकि यूक्रेन ने ऐसे किसी हमले की खबर को ही गलत बताया. वेनेजुएला पर हमला इतनी सामान्य घटना है कि उसे इग्नोर कर दिया जाये? आपको या तो अमेरिका का समर्थन करना होगा या विरोध. तटस्थ रहने की कोई गुंजाइश नहीं है.


यदि विश्व बिरादरी लाचार नहीं है और ट्रंप के कदम को सही मान रही है, तो यूएनओ में सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर ट्रम्प को दुनिया का सम्राट घोषित कर देना एक बेहतर विकल्प होगा!

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