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निरसा:  ईसीएल प्रबंधन एवं जिला प्रशासन पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा : वासुदेव आचार्य

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Nirsa :  अवैध उत्खनन के दौरान मजदूरों की मौत का जिम्मेवार ईसीएल प्रबंधन तथा जिला प्रशासन है. उन लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए तथा मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा राज्य सरकार द्वारा दिया जाना चाहिए. साथ ही घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था राज्य सरकार को करनी चाहिए. कोल इंडिया की स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में हमारे प्रतिनिधियों द्वारा इस मामले को उठाया जाएगा. उक्त बातें ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन के केंद्रीय अध्यक्ष सह बांकुरा के पूर्व सांसद बासुदेव आचार्य ने कही. उन्होंने शुक्रवार 4 फरवरी को गोपीनाथपुर कोलियरी ओसीपी का दौरा किया, जहां विगत मंगलवार को अवैध खनन के दौरान मलबा गिरने से मजदूरों की मौत हो गई थी.

    झारखंड एवं बंगाल में सबसे ज्यादा कोयला चोरी

वासुदेव आचार्य ने कहा कि झारखंड एवं पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला उत्खनन का काम सबसे ज्यादा होता है. इस काम में कोलियरी प्रबंधन के साथ जिला प्रशासन के लोगों एवं संगठित गिरोह के सदस्यों की भूमिका रहती है. 2013 में पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में अवैध उत्खनन के दौरान चाल धंसने से लगभग 50 से ज्यादा मजदूर की मौत हो गई थी. मैंने लोकसभा में यह सवाल उठाया था तथा मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी. परंतु ना तो केंद्र सरकार ने सीबीआई जांच कराई और ना ही राज्य सरकार ने दोषियों पर कोई कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण सैकड़ों लोगों का रोजगार छिन गया. रोजगार के नए अवसर पैदा नहीं हो रहे हैं. इस कारण गरीब लोग अवैध कोयला उत्खनन के काम में लगते हैं. संगठित कोयला चोरों के गिरोह द्वारा उन्हें इस काम के लिए प्रेरित किया जाता है. पेट की आग बुझाने के लिए गरीब लोग मौत के मुहाने में घुसते हैं.

      रोड सेल चालू करें प्रबंधन :  गणेश धर

सीपीएम के वरीय नेता गणेश धर ने कहा कि जल प्रबंधन द्वारा रोड सेल बंद कर दिया गया है, जिस कारण कोयला लोडिंग करने वाले मजदूर भी बेरोजगार हो गए हैं. दुर्भाग्य है कि ईसीएल प्रबंधन को खदान से कोयला उत्पादन करने में कम से कम 17  हजार रुपए प्रति टन खर्च आता है, परंतु वह 25 सौ रुपये प्रति टन के हिसाब से रेलवे रैक से उसे निजी कंपनियों को बेच रही है, जबकि रोड सेल होने से ईसीएल को 14 हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से निजी फैक्ट्री मालिकों से मिलता था. स्थानीय मजदूरों को रोजगार भी मिलता था. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ईसीएल प्रबंधन कंपनी को किस दिशा में ले जा रहा है. मौके पर सीपीएम के वरिष्ठ नेता जीके बख्शी, मासस के आगम राम, कार्तिक दत्ता आदि मौजूद थे.

     एनसीपी नेता भी पहुंचे, आंदोलन का किया एलान

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री आदर्श सिंह प्रदेश सचिव उमेश गोस्वामी के नेतृत्व में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गोपीनाथपुर कोलियरी में अवैध खनन के दौरान मलबा गिरने से मौत के मामले की जानकारी प्राप्त की.राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने कहा कि ईसीएल प्रबंधन मृतक के आश्रितों को कम से कम पांच लाख रुपये मुआवजा एवं एक नौकरी दे. ईसीएल प्रबंधन एवं राज्य सरकार अवैध खनन पर अंकुश लगाने का काम करें. अवैध खनन रोकने को लेकर एनसीपी चरणबद्ध आंदोलन करेगी. मौके पर एनसीपी के जामताड़ा जिला अध्यक्ष विजय सिंह, मिंटू कुमार, पतित पावन तिवारी, पुलक भट्टाचार्य आदि मौजूद थे. यह भी पढ़ें : बिनोद">https://lagatar.in/controversy-over-lack-of-written-partition-in-the-family-of-binod-bihari-mahto/">बिनोद

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