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निरसा : शिवलीबाड़ी मध्य पंचायत में भूमिहीन परिवारों को नहीं मिला पीएम आवास

Rajkumar Mahto Nirsa : निरसा के विभिन्न इलाकों में अब भी सैंकड़ों भूमिहीन परिवार पीएम आवास योजना की छत के इंतज़ार में है. लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों की उदासीनता और विभाग की सवेदनहीनता के कारण इन परिवारों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है. एग्यारकुंड प्रखंड के शिवलीबाड़ी मध्य पंचायत में पचास से अधिक भूमिहीन परिवारों को पीएम आवास नहीं मिला है. वहीं करीब दस ऐसे परिवार हैं, जो जर्जर घर और छत के नीचे जिंदगी गुजार रहे हैं. डर के साये में रात गुज़ार रहा परिवार पंचायत के मुण्डाधौड़ा बाउरी टोला नीचे कुल्ही में दिहाड़ी मजदूर जगदीप बाउरी का परिवार जर्जर छत के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं. पच्चीस साल पूर्व जगदीप के पिता स्व: लखीकांत बाउरी के नाम से करीब चौदह हजार रूपये की लागत से इंदिरा आवास बना था. अपर्याप्त राशि मिलने के कारण दीवार और छत का प्लास्टर नहीं हो पाया. धीरे-धीरे दीवार और छत कमज़ोर होते गये. आलम यह है अब कि छत की ढलाई झड़ झड़कर गिर रही है. छत इतनी कमज़ोर हो चुकी है कि कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है. जगदीप बाउरी और उसकी पत्नी उसी डर के साये में जीने को मजबूर है. जगदीप के पास राशन कार्ड भी नहीं है. पंचायत प्रतिनिधि सहित अन्य लोगों से पीएम आवास और राशन कार्ड बनाने की गुहार लगाते-लगाते वह थक चुका है. कई परिवार के सिर पर प्लास्टिक की छत इसी पंचायत के वार्ड नंबर एक में रहने वाला शंकरानंद पासवान का भी मिट्टी और खपरैल का घर पिछले साल बारिश में गिर गया. पंचायत सचिव ने पीएम आवास के लिये स्थल निरीक्षण भी कर लिया. लेकिन इस परिवार को भी अब तक पीएम आवास की स्वीकृति नहीं मिली है. शंकरानंद, पत्नी और बच्चों के साथ प्लास्टिक का छत बनाकर रह रहा है. इसी पंचायत में शंकरानंद जैसे और भी परिवार हैं, जिनका घर ढ़ह चुका है. ऐसे परिवार पीएम आवास के हकदार हैं लेकिन इनकी फ़रियाद सुनने वाला कोई नहीं. यह">https://lagatar.in/dhanbad-stray-animals-roaming-on-the-roads-as-calls-inviting-accident/">यह

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