Nirsa : एक तरफ जहां ईसीएल प्रबंधन, पुलिस- प्रशासन के लोग कापासारा ओसीपी में अवैध खनन के दौरान चाल धंसने की घटना में किसी के भी मरने, घायल होने या इस प्रकार की घटना होने से इनकार किया जा रहा हैं. वहीं दूसरी ओर दुर्घटना में घायल एवं मौके पर मौजूद पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिला अंतर्गत खैरा सोल प्रखंड के नौपाड़ा एवं बाराबोन गांव के निवासी इस घटना की कहानी बता रहे हैं. मंगलवार को वे उप प्रमुख के नेतृत्व में निरसा विधायक अरूप चटर्जी से मिलकर घायल एवं मृतक के आश्रितों को मुआवजा दिलवाने की मांग करने पहुंचे थे. इसे भी पढ़ें-नौ">https://lagatar.in/jharkhand-news-ed-questioned-ias-pooja-singhal-and-her-husband-for-nine-hours/">नौ
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6 लोग ठेकेदार भोला के बुलाने पर मुगमा पहुंचे थे
इस दौरान घटना के प्रत्यक्षदर्शी बाराबोन निवासी शेख बरकत एवं शेख रकीबुल ने बताया कि हम 6 लोग एक साथ गांव से कोयला कटाई करवाने वाले ठेकेदार भोला के बुलाने पर मुगमा पहुंचे थे. सोमवार को हम सभी जो लोग कोयला काट रहे थे. उत्खनन किए गए कोयले को बोरे में भरकर हम दोनों खदान से निकल रहे थे, उसी समय अचानक तेज आवाज के साथ भारी मात्रा में मलबा गिरा. जिसकी चपेट में कई मजदूर आ गए. जिसमें हमारे साथ आए फूल मोहम्मद गंभीर रूप से घायल हो गया. हम लोग किसी तरह उसे निकालकर खदान के बाहर लाए और उसे लेकर बंगाल की ओर भाग गए. बताया गया कि फूल मोहम्मद का पश्चिम बंगाल के सिउड़ी स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा है.वही हमारे एक साथी नौपाड़ा निवासी शेख अबू बकर का कोई अता पता नहीं चल पा रहा. वह भी हम लोगों के साथ ही कोयला कटाई कर रहा था.उन दोनों ने बताया कि घटना के वक्त काफी संख्या में मजदूर कोयला कटाई कर रहे थे. मलवा में कम से कम 15 से 20 लोग दबे हो सकते हैं. इसे भी पढ़ें-श्रीलंका">https://lagatar.in/violence-is-not-stopping-in-sri-lanka-order-to-shoot-rioters-on-the-road-at-sight/">श्रीलंकामें नहीं थम रही हिंसा, दंगाइयों को सड़क पर देखते ही गोली मारने का आदेश
100 रुपये प्रति बोरा मिलता है ठेकेदार से
शेख बरकत एवं शेख रकीबुल ने बताया कि उन लोगों को सीमेंट के एक बोरे में कोयला काटकर खदान के ऊपर पहुंचाने पर ठेकेदार द्वारा 100 रुपये दिये जाते हैं. हम लोग प्रतिदिन 1500- 2000 बोरा कोयला काटकर खदान के बाहर निकाल देते हैं. हम लोगों को ठेकेदार द्वारा रहने की सुविधा दी जाती है. परंतु उसके एवज में हम लोगों को घर भाड़ा एवं खाने का खर्च स्वयं वहन करना पड़ता है. इसे भी पढ़ें-बेरमो:">https://lagatar.in/bermo-21-booths-are-very-sensitive-and-58-sensitive-in-kasmar-block/">बेरमो:कसमार प्रखंड में 21 बूथ अति संवेदनशील और 58 संवेदनशील
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