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बरवाअड्डा का निशा हत्याकांड : सोती रही पुलिस, धुलते रहे कत्ल के सबूत

  •  विशाल की टी-शर्ट जब्त करने की बजाय पुलिस ने छोड़ दिया
  • मौसी ने टी-शर्ट को पानी से भिगोकर खून को कर दिया साफ
Rizwan Shams  Dhanbad : घनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में बुधवार को छात्रा निशा की गर्दन रेतकर हत्या कर देने की लोमहर्षक घटना घटी. घटना का आरोपी विशाल का पुलिस कस्टडी में एसएनएमएमसीएच में इलाज चल रहा है. इस संवेदनशील मामले में पुलिस की घोर लापरवाही उजागर हुई है. वारदात के वक्त आरोपी विशाल के कपड़ों में खून लगा था, लेकिन उस कपड़े को पुलिस ने जब्त नहीं किया. बल्कि गुरुवार को उसी खून लगे टी-शर्ट को पानी में भिगो कर आरोपी विशाल की मौसी उसके हाथ में लगे खून को साफ करती दिखी. आरोपी के दोनों हाथों में लगे खून के साथ इस वारदात के पुख्ता सबूत भी धुल गए. अस्पताल के ईएनटी वार्ड के बाहर बेंच पर सरायढेला पुलिस के जवान नींद में डूबे रहे और विशाल की मौसी आराम से सबूतों को धोती रही. अब अपनी बेटी के कातिल को सजा दिलाने की चाहत रखने वाले बेबस पिता की उम्मीदों पर ये लापरवाही भारी पड़ेगी. ज्ञात हो कि स्कूल से घर लौट रही छात्रा निशा की पोलाईडीह में लाश मिली थी. आरोपी विशाल भी वहां जख्मी हालत में मिला था. उसकी भी गर्दन में जख्म थे, इस कारण स्थानीय लोगों ने विशाल को अस्पताल लाकर भर्ती करा दिया था. पुलिस ने संदेही मानते हुए बुधवार को ही उसे कस्टडी में ले लिया था. देर शाम तक निशा के पिता हरि महतो ने विशाल के खिलाफ बेटी की हत्या की प्राथमिकी दर्ज करा दी. तब अस्पताल में दो जवानों की तैनाती भी की गई. पुलिस ने उसका बयान लेने की कोशिश की लेकिन गर्दन में जख्म के कारण बाद में बयान लेने की बात डाक्टरों ने कही.

फोरेंसिक जांच में खुलता खून का राज 

अब देखिए पुलिस की लापरवाही... वारदात के वक्त विशाल के कपड़ों पर खून के निशान थे, जो सबसे बड़े सबूत हैं. क्योंकि, कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं है. ऐसे में विशाल के कपड़े में लगे खून की फोरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए थी. ताकि ये पता लग सके कि उसमें लगा खून किसका के है. यदि कपड़ों पर निशा का खून मिल जाता, तो कोर्ट में ये आरोपी के खिलाफ बड़ा सबूत होता. लेकिन अब शायद ऐसा नहीं पाएगा, क्योंकि विशाल की मौसी ने खून से सने टी-शर्ट को पानी से भिगो दिया और फिर उसी से आरोपी के हाथों को साफ कर दिया. कोर्ट में बिना फोरेंसिक रिपोर्ट के आरोपी को सजा तक पहुंचाना बहुत ही कठिन है.

नसों के साथ कट गई थी निशा के गले की हड्डी

निशा की हत्या में प्रयुक्त हथियार काफी तेज था और उससे पूरी ताकत के साथ निशा के गले पर प्रहार किया गया था. जिससे उसकी गर्दन की सारी नसें कट गई थी. नसों के साथ गले की हड्डी तक को चोट पहुंची थी. नसों के कटने के कारण रक्त बह गया और कुछ क्षणों में ही उसकी मौत हो गई. उसकी कलाई पर भी वार किया गया था. कलाई पर गहरे जख्म के निशान मिले हैं. हाथ की चार अंगुलियाें में भी जख्म पाए गए. मारने वाले ने निशा को पूरी तरह से दबोचकर वार पर वार किया था.

दोनों के पिता में थी गहरी दोस्ती

निशा और विशाल के पिता में काफी गहरी दोस्ती थी. दोनों साथ में आना-जाना, मेहमानदारी करते थे. यहां तक कि दोनों एक ही प्लेट में खाना खाते थे. लेकिन कत्ल जैसी संगीन वारदात में दोनों परिवार अब उलझ चुके हैं. एक तरफ हरि महतो ने अपनी फूल सी बेटी खो दी है, तो दूसरी तरफ विनोद रजवार का इकलौता बेटा हत्या का मुकदमे का आरोपी है. वारदात के बाद से दोनों के बीच बातचीत तक नहीं हुई है.

निशा के पिता के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी 

इस वारदात को लेकर निशा के पिता हरि महतो के बयान पर प्राथमिकी दर्ज हुई है. हरि ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी स्कूल गई थी. दोपहर करीब 12 बजे तक घर लौट आती थी. देर होने पर उसे तलाशने निकला, तो पता चला कि गांव के बाहर उसका शव पड़ा हुआ है. परिवार के अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचे तो खून से लथपथ बेटी का शव पड़ा देखा. साथ ही डिपो की बाउंड्री के अंदर से कराहने की आवाज आ रही थी. वहां जाने पता चला कि विशाल है और उसकी गर्दन पर गहरे जख्म थे. पूछने पर उसने बताया कि उसने ही निशा को मार दिया है. बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज हुई है.

हथियार खोजने में पुलिस रही नाकाम  

वारदात में प्रयुक्त हथियार को बरामद करने के लिए पुलिस की टीम ने कई कोशिशें की, लेकिन अब तक हथियार नहीं मिल पाया है. पुलिस बुधवार की शाम भी मौका-ए-वरदात पर गई थी. गुरुवार की सुबह भी वहां जाकर छानबीन की. लेअब तक आरोपी विशाल का बयान भी नहीं हो पाया है.

काॅल डिटेल का सहारा 

वारदात की कडि़यों को जोड़ने के लिए पुलिस कॉल डिटेल निकालेगी. निशा, विशाल के साथ-साथ उसकी दोनों सहेलियों की कॉल डिटेल निकाली जा रही है. इसके अलावा दोनों सहेलियों की मोबाइल लोकेशन की भी जांच की जाएगी. पुलिस को संदेह है कि वारदात में विशाल के अलावा कोई अन्य दोस्त ने साथ तो नहीं दिया है. इधर, पोस्टमार्टम के बाद दोपहर को निशा का शव उसके गांव पहुंचा. रोते-बिलखते परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया. यह भी पढ़ें : [wpse_comments_template]

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