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निशिकांत ने झामुमो को दी सीएम बदलने की सलाह, झामुमो का पलटवार- इलॉजिकल बातें छोड़ स्पीकर के सुझाव पर विचार करे भाजपा

Ranchi: 27 मार्च से झारखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने वाला है. पंचम विधानसभा का यह 11वां सत्र होगा, जो बिना नेता प्रतिपक्ष के चलेगा. सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो ने भाजपा को नेता प्रतिपक्ष बदलने की सलाह दी है. भाजपा ने विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष चुना था, लेकिन 10वीं अनुसूची का उल्लंघन के मामले में मामला स्पीकर के कोर्ट में चला गया. इसकी सुनवाई चल रही है. उधर, स्पीकर के सलाह पर भाजपा ने रिएक्ट किया है. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने झामुमो को ही मुख्यमंत्री बदलने की सलाह दे दी है.

सीता सोरेन को मुख्यमंत्री बनाएं- दुबे

ट्विट करते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि झारखंड विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा को नेता प्रतिपक्ष बदलने की सलाह दी है. कहा- मेरी भी झामुमो को सलाह और उससे अनुरोध है कि वो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बदलकर झामुमो के संस्थापक और तेजतर्रार नेता रहे स्व दुर्गा सोरेन की पत्नी विधायक सीता सोरेन को मुख्यमंत्री बनाएं.

भाजपा को गंभीरता से विचार करना चाहिए- सुदिव्य

भाजपा के रिएक्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए झामुमो के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि वे निशिकांत दुबे की इलॉजिकल बातों का क्या जवाब दें. इसका कोई मतलब नहीं है. स्पीकर ने विधानसभा सत्र के दौरान सदन की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए भाजपा को नेता प्रतिपक्ष को लेकर सुझाव दिया है. इस पर भाजपा को गंभीरता से विचार करना चाहिए, इलॉजिकल बातें नहीं. इसे भी पढ़ें – सोरेन">https://lagatar.in/jharkhand-would-have-become-a-separate-state-in-1993-itself-if-the-soren-family-wanted-sudesh/">सोरेन

परिवार चाहता तो 1993 में ही झारखंड अलग राज्य बन जाता : सुदेश
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