Ranchi : नये साल के पहले दिन झारखंड की राजनीति को लेकर नयी चर्चा भी शुरू हो गयी है. चूंकि झारखंड के गांडेय विधानसभा सीट से झामुमो विधायक सरफराज आलम ने 31 दिसंबर 2023 को विधायकी पद से इस्तीफा दे दिया. जिसे विधानसभा ने स्वीकार करते हुए लेटर भी जारी कर दिया है. लेकिन गांडेय विधायक के इस्तीफा ने झारखंड की राजनीति में नयी हलचल पैदा कर दी है. हेमंत सोरेन सरकार को लेकर कई तरह की बातें राजनीतिक पार्टियों ने शुरू कर दी है. इसी क्रम में बीजेपी के गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स हैंडल पर ट्वीट कर सबको चौंका दिया है. दरअसल निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर कहा है कि झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन सीएम पद से इस्तीफा देंगे और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन राज्य की अगली मुख्यमंत्री होंगी. https://twitter.com/nishikant_dubey/status/1741713910871294310
वहीं ट्वीट करके निशिकांत दुबे ने मुंबई हाईकोर्ट के एक जजमेंट का जिक्र करते हुए गांडेय सीट वपर चुनाव नहीं होने की वजह बतायी है. कहा है कि, मुम्बई हाईकोर्ट के काटोल विधानसभा के निर्णय के अनुसार अब गांडेय में चुनाव नहीं हो सकता. काटोल विधानसभा जब महाराष्ट्र में ख़ाली हुआ तब विधानसभा का कार्यकाल 1 साल 50 दिन ख़ाली था.@CPRGuv राज्यपाल महोदय यदि कल्पना सोरेन जी कहीं से विधायक नहीं बन सकती हैं तो मुख्यमंत्री कैसे बनेंगी?झारखंड को चारागाह@INCIndia बनाने की कोशिश कर रही है. https://twitter.com/nishikant_dubey/status/1741733679884537955
इतना ही नहीं निशिकांत दुबे ने ट्वीट करके ये भी कहा है कि, राज्यपाल झारखंड @CPRGuv को क़ानूनी सलाह लेना चाहिए,झारखंड विधानसभा का गठन 27 दिसंबर 2019 को हुआ. सरफराज अहमद का इस्तीफ़ा 31 दिसंबर को हुआ. एक साल से कम समय में चुनाव नहीं हो सकता. यह पार्टी हेमंत सोरेन जी की नहीं शिबू सोरेन जी की है.@SitaSorenMLA,@BasantSorenMLA विधायक हैं,चम्पई जी,मथुरा जी,साइमन व लोबिन,नलिन जी के खून पसीने की पार्टी का इतना बुरा हाल? वैसे गांडेय सीट NDA हर हाल में जीतेगी. https://twitter.com/nishikant_dubey/status/1741725971303006327
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वहीं ट्वीट करके निशिकांत दुबे ने मुंबई हाईकोर्ट के एक जजमेंट का जिक्र करते हुए गांडेय सीट वपर चुनाव नहीं होने की वजह बतायी है. कहा है कि, मुम्बई हाईकोर्ट के काटोल विधानसभा के निर्णय के अनुसार अब गांडेय में चुनाव नहीं हो सकता. काटोल विधानसभा जब महाराष्ट्र में ख़ाली हुआ तब विधानसभा का कार्यकाल 1 साल 50 दिन ख़ाली था.@CPRGuv राज्यपाल महोदय यदि कल्पना सोरेन जी कहीं से विधायक नहीं बन सकती हैं तो मुख्यमंत्री कैसे बनेंगी?झारखंड को चारागाह@INCIndia बनाने की कोशिश कर रही है. https://twitter.com/nishikant_dubey/status/1741733679884537955
इतना ही नहीं निशिकांत दुबे ने ट्वीट करके ये भी कहा है कि, राज्यपाल झारखंड @CPRGuv को क़ानूनी सलाह लेना चाहिए,झारखंड विधानसभा का गठन 27 दिसंबर 2019 को हुआ. सरफराज अहमद का इस्तीफ़ा 31 दिसंबर को हुआ. एक साल से कम समय में चुनाव नहीं हो सकता. यह पार्टी हेमंत सोरेन जी की नहीं शिबू सोरेन जी की है.@SitaSorenMLA,@BasantSorenMLA विधायक हैं,चम्पई जी,मथुरा जी,साइमन व लोबिन,नलिन जी के खून पसीने की पार्टी का इतना बुरा हाल? वैसे गांडेय सीट NDA हर हाल में जीतेगी. https://twitter.com/nishikant_dubey/status/1741725971303006327
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