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नीतीश ने खरगे-राहुल को मनाया, संसद में आप के साथ अध्यादेश का विरोध कर सकती है कांग्रेस

  • पटना में विपक्ष के प्रमुख नेताओं की संभावित बैठक को लेकर चर्चा हुई
New Delhi : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी एकजुटता के प्रयासों के तहत सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. खरगे के आवास पर हुई इस मुलाकात में विपक्षी एकजुटता के प्रयासों को मजबूत करने और पटना में संभावित बैठक को लेकर चर्चा हुई. आने वाले दिनों में बिहार की राजधानी पटना में विपक्ष के प्रमुख नेताओं की एक बैठक हो सकती है. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस द्वारा संसद में एक विधेयक का विरोध करने की संभावना है, जो दिल्ली के सेवा मामलों पर केंद्र सरकार के अध्यादेश को कानून में बदलने के लिए पेश किया जाएगा. हाल ही में पार्टी ने केंद्र से सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का सम्मान करने के लिए कहा था. कोर्ट ने कहा था कि नौकरशाहों का स्थानांतरण चुनी हुई सरकार के अधिकार क्षेत्र में है.

विपक्षी एकता के लिए सभी दलों की बैठक होगी

नीतीश कुमार के साथ इस बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह मौजूद थे. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हमने अभी बैठक की है. अगले एक-दो दिन में विपक्षी पार्टियों के साथ होने वाली बैठक की तारीख तय की जाएगी. जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि आज हमारी बैठक में विपक्षी एकता के बारे में जो सहमति बनी हुई थी, उस पर विस्तार से चर्चा हुई. विपक्षी एकता के लिए सभी दलों की एक बैठक होगी, जिसके लिए जगह, समय और तिथि अगले 2-3 दिन में तय हो जाएगी.

खरगे बोले- लोकतंत्र की मजबूती ही हमारा संदेश

नीतीश कुमार के साथ बैठक के बाद खरगे ने कहा कि बैठक में वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की गई. देश को नई दिशा देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया. उन्होंने ट्वीट किया कि अब एकजुट होगा देश, लोकतंत्र की मजबूती ही हमारा संदेश! राहुल गांधी और मैंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के साथ वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा कर, देश को एक नई दिशा देने की प्रकिया को आगे बढ़ाया. इससे पहले नीतीश कुमार ने 12 अप्रैल को भी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर विपक्षी एकजुटता को लेकर चर्चा की थी.

अध्यादेश मामले में कांग्रेस कर सकती है `आप` का समर्थन

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस संसद में एक विधेयक का विरोध करने की संभावना है, जो दिल्ली के सेवा मामलों पर केंद्र सरकार के अध्यादेश को कानून में बदलने के लिए पेश किया जाएगा. कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा था कि उनकी पार्टी ने पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया था. अध्यादेश के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आज भी हमारी यही राय है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही था. संविधान पीठ ने दिल्ली के मुद्दे पर विस्तृत फैसला दिया है और सरकार को उसका सम्मान करना चाहिए. पार्टी के सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस बिल का विरोध कर सकती है.

केजरीवाल से भी मिले थे नीतीश

इससे पहले नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिले थे. इस मुलाकात के दौरान उन्होंने केंद्र की ओर से लाए गए अध्यादेश के खिलाफ आप सरकार को समर्थन देने की घोषणा की थी. मुख्यमंत्री निवास पर हुई मुलाकात के दौरान केंद्र सरकार के रवैये समेत कई राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई थी. केजरीवाल ने दिल्ली की जनता के साथ खड़े होने के लिए दोनों नेताओं का धन्यवाद दिया था. उन्होंने कहा था कि विपक्ष को एकजुट होकर केंद्र सरकार के इस तानाशाही अध्यादेश को संसद में हराना होगा.

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