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400 करोड़ की बिजली चोरी पर 3 साल कार्रवाई नहीं, सदन में दो साल पहले उठा था मामला

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Chhaya
Ranchi : साल 2016-17 के बीच राज्य में करीब 400 करोड़ रुपये की बिजली चोरी हुई. यह चोरी पूर्वी सिंहभूम जिले में की गयी. इसका लाभ फर्नेंस इंडक्शन कंपनियों को पहुंचाया गया. 2018 में तत्कालीन ऊर्जा सचिव नितिन मदन कुलकर्णी को इस मामले की शिकायत की गयी थी. इसके बाद जांच कमेटी बनी. जांच कमेटी ने पाया कि साल 2016-17 के बीच क्षेत्र में निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया. इसके तहत लगभग करीब चार सौ करोड़ की बिजली इन उद्योगों को दी गयी. इस जांच के बाद पूर्व सरकार की ओर से जांच कमेटी बनायी गयी. जिसमें ये आरोप सिद्ध हुए. लेकिन हैरानी की बात है कि अभी तक आरोपित सभी 18 इंजीनियर पद पर बहाल हैं. यहां तक कि इन्हें प्रमोशन भी दे दिया गया. जबकि 8 फरवरी 2019 को मामला विधानसभा में उठाया गया था और रघुवर दास की पूर्व सरकार ने कार्रवाई का आदेश दिया था.

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डॉ नीतिन मदन कुलकर्णी के जाने के बाद शांत हुआ मामला

अनिल पालटा की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने तत्कालीन जीएम जमशेदपुर केके वर्मा को मामले में क्लीन चिट दे दी. इसके साथ ही 18 लोगों को इसमें आरोपित पाया गया. इस रिपोर्ट के बाद मामला अलग-अलग पटल पर उठाया गया. तत्कालीन ऊर्जा सचिव ने आरोपित कर्मचारियों को बर्खास्त करने का आदेश दिया. साथ ही विधायकों ने भी मामले को सदन में उठाया. बावजूद इसके पिछले तीन साल से मामला ऊर्जा विभाग में फंसा है. डॉ नितिन मदन कुलकर्णी के तबादले के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया.

आरोपित 18 कर्मचारियों का किया गया तबादला

आरोप सिद्ध होने के बाद भी विभागीय कार्रवाई का हवाला देते हुए आरोपितों का तबादला किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन जमशेदपुर अधीक्षण अभियंता मनमोहन कुमार की जानकारी में बिजली चोरी की बात की गयी. विभागीय सचिव का तबादला होते मनमोहन कुमार को ईएसई डालटनगंज बनाया गया. प्रतोष कुमार सिंह तत्कालीन इइ को भी वर्तमान में जमशुदपुर उप महाप्रबंधक सह इएसइ बनाया गया. इसके साथ ही अन्य 18 लोगों का भी तबादला किया गया. तत्कालीन इइ क्रमशः एचके सिंह जमशेदपुर, धनेश झा, सुकरू खड़िया, गोपाल मांझी, मुकुल गरवारे, अजीत कुमार, ओपी अंबष्ट समेत अन्य कर्मियों पर आरोप है.

विभागीय कार्यवाही में दो लोगों को मिली क्लीन चिट

मामले में जेबीएनएल जीएम एचआर समीर मुंडू ने बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद विभागीय कार्यवाही चल रही है. कुल 18 लोगों पर पूर्व में आरोप सिद्ध हुआ था. लेकिन विभागीय कार्यवाही और गवाही में दो लोगों को क्लीन चिट दी गयी. ऐसे में अब कुल 16 लोगों के खिलाफ कार्यवाही चल रही है.

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