जोड़ो यात्रा : श्रीनगर में आखिरी दिन बर्फ से खेलते नजर आये राहुल और प्रियंका गांधी, ट्विटर पर शेयर किया वीडियो
प्रतिक्रिया मांगने पर प्रवक्ताओं ने क्या कहा
अविनेश सिंह- मेरा बोलना ठीक नहीं रहेगा. आज जिस प्रवक्ता की ड्यूटी है, उनसे ही प्रतिक्रिया ले लिया जाए. वैसे भी आज शादी-ब्याह वाले कार्यक्रम में व्यस्त हैं. आज भर छोड़ दीजिए. अमित सिंह - अध्यक्ष जी तो इसपर बात रख ही दिये हैं. वैसे भी अभी हम रांची में नहीं हैं. रातू में हैं लौटते हैं तो बात करेंगे. सरोज सिंह- अभी एक जगह कुछ लोगों के साथ बैठे हुए हैं. 10 मिनट में फोन करते हैं, लेकिन एक घंटे बाद भी उनका फोन नहीं आया. कुणाल षाडंगी- 1932 के खतियान का मामला है. यह काफी संवेदनशील मुद्दा है. प्रदीप सिन्हा - जनता को बिना लाभ दिये, क्रेडिट लेना चाहती थी सरकार प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने विधेयक वापस होने के बाद रविवार को ही इसपर पार्टी की ओर से टिप्पणी दे दी थी. सोमवार को भी वे उसी बयान पर कायम रहे. कहा कि राजभवन ने माना है कि विधेयक में सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं दिख रही है. विधि विभाग ने भी सरकार को सलाह दी थी, कि विधेयक संविधान सम्मत नहीं है. इसके बावजूद सरकार जिद पर अड़ी थी. सरकार की मंशा लोगों को बेवकूफ बनाने की थी. सरकार लोगों को इसका लाभ भी नहीं देना चाहती थी और क्रेडिट भी लेना चाहती थी. उनकी पोल-पट्टी खुल गई है. सरकार का अगला कदम क्या होगा, यह देखने वाली बात होगी. इसे भी पढ़ें - राष्ट्रपिता">https://lagatar.in/thoughts-and-ideals-father-nation-should-not-be-allowed-end-in-life-under-any-circumstances-hemant/">राष्ट्रपिताके विचार और आदर्श किसी भी हाल में जीवन से समाप्त नहीं होने देना चाहिए : हेमंत [wpse_comments_template]

Leave a Comment