Ranchi News: जेएसएससी द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट ट्रेड टीचर संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (पारा कोटि) 2026 में शामिल होने का आग्रह करने वाली ऋषिकांत तिवारी एवं अन्य पारा शिक्षकों की याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने प्रार्थियों को अंतरिम राहत नहीं दी. हालांकि कोर्ट ने प्रार्थियों को शिक्षा विभाग में अपना अभ्यावेदन देकर पक्ष रखने की छूट दी है.
सुनवाई के दौरान प्रार्थियों ने कोर्ट को बताया कि वे इंटरमीडिएट ट्रेड टीचर (क्लास 1- 5) परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन देना चाहते हैं. लेकिन जेएसएससी के विज्ञापन में शर्त है कि वहीं अभ्यर्थी इसमें शामिल होंगे जो जेटेट परीक्षा पास किए हुए हैं या निकटवर्ती राज्यों से सीटेट या टेट परीक्षा पास किए हुए हैं. इन्हें 3 साल के भीतर जेटेट पास करना अनिवार्य है. प्रार्थियों की ओर से कहा गया कि उन्होंने जेटेट पास नहीं किया है, निकटवर्ती राज्यों से भी उन्होंने सीटेट या टेट परीक्षा पास नहीं किया है. उन्हें परीक्षा में शामिल होने दिया जाए वह 3 साल के भीतर जेटेट परीक्षा पास कर लेंगे.
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मामले में जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने कोर्ट को बताया कि प्रार्थी विज्ञापन के शर्त के तहत आवेदन नहीं कर सकते हैं. वे जेटेट पास नहीं है, निकटवर्ती राज्यों से भी उन्होंने सीटेट या टेट परीक्षा पास नहीं किया है. इसलिए इन्हें परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट के द्वारा सुनील यादव के मामले में पारित आदेश के तहत पारा शिक्षक कोटि के लिए उक्त विज्ञापन निकाला गया है. परीक्षा में आवेदन करने की तिथि 18 अक्टूबर 2026 है. यहां बता दें कि जेएसएससी ने विज्ञापन संख्या 4/26 में इंटरमीडिएट ट्रेड टीचर (क्लास 1- 5) एवं इंटरमीडिएट ट्रेड टीचर (क्लास 6- 8) में 5000 से अधिक सीटों के लिए विज्ञापन निकाला है.
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