Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा है कि चेक बाउंसिंग के मामले NI Act की धारा 142 के तहत अपराधों का संज्ञान लेने के लिए पुलिस को रिपोर्ट करने की आवश्यकता नहीं होती है और न ही अदालत को शिकायत की जांच करने के लिए पुलिस को निर्देश देने का अधिकार है. NI Act की धारा 142(1)(ए) के तहत चेक अनादर के लिए धारा 138 के तहत दंडनीय अपराध का संज्ञान केवल लिखित शिकायत पर ही लिया जा सकता है. दरअसल याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप यह था कि उसने शिकायतकर्ता को 10 लाख 82 हजार 500 रुपये का चेक जारी किया था.
चेक बाउंस के मामलों में संज्ञान लेने के लिए पुलिस को रिपोर्ट करने जरूरत नहीं : हाईकोर्ट
Last Updated: Nov 22, 2024 12:00 AM (IST)