अब चुप रहने का समय नहीं
अब चुप रहने का समय नहीं है. बोलने का समय है. बेटियों की आवाज को अब ना कोई दबा सकता है और ना ही कुचल सकता है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी विधायक कल्पना सोरेन के मुख से एक शब्द भी नहीं निकलता है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य बलात्कार की घटना और सीता सोरेन पर की गई अपमानजनक टिप्पणी पर एक शब्द नहीं बोलते हैं.महिला उत्पीड़न के 16 हजार से अधिक केस रजिस्टर्ड
अभी भी महिला उत्पीड़न के 16000 से अधिक केस रजिस्टर्ड हैं. 8000 में जांच तक शुरू नहीं हुई है. आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में हर डेढ़ दिन में एक बेटी के साथ बलात्कार हो रहा है. कल्पना सोरेन और झारखंड सरकार मंईयां सम्मान का दिखावा करती है. पर्ची लेकर घूमने से मंईयां का सम्मान नहीं होता है. यह मंईयां कभी माफ नहीं करेगी. इसे भी पढ़ें - पीएम">https://lagatar.in/pm-modis-policies-do-not-benefit-the-common-man-only-his-business-friends-priyanka-gandhi/">पीएममोदी की नीतियों से आम आदमी को नहीं, सिर्फ कारोबारी मित्रों को फायदा : प्रियंका गांधी [wpse_comments_template]
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