Ranchi News : REO की चकाचौंध छोड़कर कोई दूसरे विभाग में जाना नहीं चाहता. ऐसे में भला कोई पिछड़ा वर्ग आयोग में क्यों जाएं. वहां रखा ही क्या है. यहां तो इंजीनियरों की भरमार है और हर तरफ बहार है. इसलिए दीप साहब REO छोड़ कर जाना नहीं चाहते.
यहां तो बड़े साहब के करीब रहने और इर्द गिर्द घूमने का मौका है. बड़े साहब और इंजीनियर सहित REO के सभी कर्मचारियों के बीच बड़े साहब के सूचनाओं के लेन देन का काम इन्हीं के सहारे होता है. फाइलों की भी मजबूरी है. इन्हीं की कुर्सी से होकर गुजरने वाले रास्ते से बड़े साहब तक पहुंचती और लौटती है. कभी-कभी फाइलें लटक जाती हैं. उन्हें सही रास्ते पर लाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है.
इस चकाचौंध को छोड़कर दीप साहब भी पिछड़ा वर्ग आयोग में जाना नहीं चाहते हैं. सरकार ने अगस्त 2026 में ही उनका तबादला पिछड़ा वर्ग आयोग में कर दिया. लेकिन वह अब तक REO में ही डटे हुए हैं. तबादले के बाद भी बड़े साहब की मेहरबानी से अब तक REO में जमे हुए हैं. बस यूं समझें कि खुदा मेहरबान तो गदहा पहलवान है. उनके पदनाम के आगे तक “प्रधान” जैसा विशेषण लगा हुआ है.
सरकार ने दीप साहब का अगस्त में उनका तबादला किया. तबादला आदेश में लिखा है कि यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा. लेकिन घड़ी या कैलेंडर में तत्काल नाम का कोई समय नहीं. इसलिए दीप साहब पिछड़ा वर्ग आयोग नहीं गये. अभी भी REO में बैठ कर “तत्काल” का इंतजार कर रहे हैं. इंजीनियर और दूसरे कर्मचारी भी उनसे परेशान हैं और वे जानना चाहते हैं कि साहब आयोग क्यों नहीं जा रहे हैं. आखिर कौन उन्हें यहां रोककर रखा है. लेकिन उनके रसुख की वजह से सब चुप हैं. उन्हें यह भी डर है कि पता नहीं जाने के बाद फिर कब वह वापस लौट आयें. पहले भी वह कई बार तबादले के एक दो माह लौट आए हैं.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें
