Ranchi : हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) में पिछले 3 साल से स्थायी सीएमडी की नियुक्ति नहीं हो पाई है. फिलहाल भेल के सीएमडी नलिन सिंघल को ही एचईसी के सीएमडी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. कर्मचारियों का कहना है कि नलिन सिंघल एचईसी में सिर्फ प्रोटोकॉल के लिए ही आते हैं. सीएमडी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है. वे महीनों में कभी-कभी एचईसी आते हैं. इससे सारा काम प्रभावित हो रहा है. कंपनी की हालत दिन प्रतिदिन खराब होते जा रही है. कार्यशील पूंजी के अभाव में एचईसी से ढेर सारे आर्डर को वापस ले लिये गये हैं. नया ऑर्डर भी मिलना बंद हो गया है. हालत यह है एचईसी में कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़े हुए हैं. पिछले 8 महीने से कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं हो पाया है. आर्थिक तंगी के चलते पिछले महीने 3 कर्मचारी दम तोड़ चुके हैं. अब तक सरकार का एचईसी की तरफ कोई ध्यान नहीं है.
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सिर्फ खानापूर्ति के लिए ही एचईसी आते हैं नलिन सिंघल - रमाशंकर
एचईसी मजदूर संघ के महामंत्री रमाशंकर ने बताया कि एचईसी को चलाने में मौजूदा सरकार की मंशा साफ नहीं है. सरकार एचईसी का भला नहीं करना चाहती है. पिछले 3 साल से एचईसी में स्थायी सीएमडी नहीं हैं. नलिन सिंघल सिर्फ खानापूर्ति के लिए ही पद पर बने हुए हैं. इसे भी पढ़ें- पुरानी">https://lagatar.in/on-the-implementation-of-the-old-pension-scheme-the-workers-reacted-saying-hemant-hai-to-dare/">पुरानीपेंशन योजना लागू होने पर कर्मियों ने दी प्रतिक्रिया, कहा- ‘हेमंत है तो हिम्मत है’ [wpse_comments_template]
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