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संसद सदस्यता रद्द होने के मामले में सूरत की सेशन कोर्ट से राहुल को राहत नहीं, शुक्रवार को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगे

NewDelhi : कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संसद सदस्यता रद्द होने के मामले में गुजरात के सूरत की सेशन कोर्ट से मायूस होना पड़ा है. खबर है कि कोर्ट ने राहुल की अर्जी खारिज कर दी है. राहुल ने अपनी अर्जी में मोदी सरनेम को लेकर मानहानि के मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गयी सजा पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी. अब कांग्रेस सेशन कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटायेगी. इसे भी पढ़ें : यमन">https://lagatar.in/yemen-78-killed-many-injured-in-stampede-at-financial-aid-program-in-sanaa/">यमन

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कर्नाटक रैली में मोदी सरनेम को लेकर बयान दिया था

याद करें कि राहुल गांधी ने 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक में एक रैली में मोदी सरनेम को लेकर बयान दिया था कि सारे मोदी नाम वाले चोर क्यों होते हैं. इस बयान पर भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल के खिलाफ मानहानि का केस किया था. चार साल बाद 23 मार्च को सूरत की निचली अदालत ने राहुल को दोषी करार दिया था और 2 साल की सजा सुनाई थी. इसे भी पढ़ें :  बायोम">https://lagatar.in/biomes-breakup-mixed-effect-of-jharkhand-bandh/">बायोम

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राहुल की संसद सदस्यता हुई थी रद्द

सजा मिलने के बाद जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत लोकसभा सचिवालय ने वायनाड सांसद राहुल की सदस्यता रद्द कर दी थी. जनप्रतिनिधि कानून कहता है कि यदि किसी सांसद और विधायक को किसी मामले में 2 साल या उससे ज्यादा की सजा मिलती है, तो उनकी सदस्यता (संसद और विधानसभा से) रद्द हो जाती है. साथ ही सजा की अवधि पूरी करने के बाद छह साल तक वह चुनाव नहीं लड़ सकता. 2 अप्रैल को राहुल ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सूरत सेशन कोर्ट में दो अर्जियां लगाई थी. पहली अर्जी में सजा पर रोक की मांग, दूसरी में अपील के निस्तारण तक सजा पर रोक लगाने की गुहार थी.

20 अप्रैल के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था

इस मामले में एडिशनल सेशन जज आरपी मोगेरा की कोर्ट ने 13 अप्रैल को राहुल की याचिका पर सुनवाई करते हुए 20 अप्रैल के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था. हालांकि कोर्ट ने राहुल को जमानत दे दी थी. शिकायतकर्ता पूर्णेश मोदी और राज्य सरकार को सजा पर रोक लगाने वाली याचिका पर नोटिस जारी दोनों पक्षों को सुना था. इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

मुख्य याचिका पर सत्र अदालत अगली तारीख पर सुनवाई जारी रखेगी

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरपी मोगेरा की अदालत ने राहुल को आपराधिक मानहानि के इस मामले में दो साल के कारावास की सजा सुनाये जाने के एक निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर, कांग्रेस नेता की अर्जी आज खारिज कर दी. अगर 52 वर्षीय राहुल गांधी को राहत मिलती तो उनकी लोकसभा की सदस्यता बहाल होने का रास्ता साफ हो सकता था.  हालांकि, निचली अदालत के आदेश के खिलाफ गांधी की मुख्य याचिका पर सत्र अदालत अगली तारीख पर सुनवाई जारी रखेगी. राहुल के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी अगर निचली अदालत के 23 मार्च के फैसले को निलंबित और स्थगित नहीं किया गया तो इससे उनकी प्रतिष्ठा को हानि होगी. लेकिन सेशन कोर्ट ने राहुल को राहत नहीं दी. खबर है कि राहुल सेशन कोर्ट के फैसले को लेकर कल शुक्रवार को अहमदाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगे. [wpse_comments_template]

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