कटकमसांडी और कटकमदाग की विभिन्न पंचायतों में पानी के लिए हाहाकार नल,जल योजना को लेकर बोरिंग पर उठाए जा रहे कई सवाल Hazaribagh : हजारीबाग के कटकमसांडी और कटकमदाग समेत कई प्रखंडों की लगभग सभी पंचायतों में 14वें वित्त आयोग की राशि से निर्मित सोलर जल मीनार खराब पड़ी हुई है. दो वर्षों से खराब पड़े जल मीनार के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसी बीच नल जल योजना के तहत नई जल मीनार का निर्माण कराया जा रहा है. सरकार का संकल्प है कि मार्च 2024 तक हर एक घर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाए. इसे लेकर नल जल योजना युद्ध स्तर पर चल रहा है. लेकिन इस योजना पर यह सवाल खड़ा किया जा रहा है की खराब जलमीनार को बनाने वाला कोई नहीं है. ऐसे में उन जल मीनारों को क्यों नहीं दुरुस्त किया जा रहा है. खराब मीनार को दुरुस्त कर दिया जाता, तो पेयजल की समस्या नहीं होती. नए और पुराने दोनों जलमीनारों से लोगों की प्यास बुझती. लेकिन पुराने जल मीनार को दुरुस्त करने के लिए फंड का अभाव है. [caption id="attachment_621624" align="aligncenter" width="720"]
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alt="" width="720" height="1600" /> नल-जल योजना के तहत बना जलमीनार[/caption]
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alt="" width="720" height="1600" /> लगाया गया नया जलमीनार[/caption]
alt="" width="720" height="1600" /> नल-जल योजना के तहत बना जलमीनार[/caption]
फंड के अभाव में नहीं बन रही खराब जलमीनार : मुखिया
मसरातू पंचायत की मुखिया ज्योति कुमारी बताती हैं उनके क्षेत्र में 14वें वित्त से लगभग सात जलमीनार बनाई गई थी. इसमें दो खराब हैं. 15वीं वित्त की राशि से उसकी मरम्मत करानी है. लेकिन फंड के अभाव के कारण जलमीनार नहीं बन पा रही है. वर्तमान में नल जल योजना से एक दर्जन से अधिक नई जल मीनार बनाई जा रही है. लेकिन इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़ा किए जा रहे हैं. बोरिंग तो की जा रही है, लेकिन इसकी जांच करने वाला कोई नहीं है. पानी आने के साथ ही पंप डाल दिया जाता है. अगर यही स्थिति रही, गर्मी के दिनों में जलमीनार शोभा की वस्तु बनकर रह जाएगी. [caption id="attachment_621628" align="aligncenter" width="720"]alt="" width="720" height="1600" /> लगाया गया नया जलमीनार[/caption]
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